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छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों के सपनों को पूरा कर रही तेंदूपत्ता बोनस योजना

छत्तीसगढ़ के सुकमा,राजनांदगांव में तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए तेंदूपत्ता बोनस दिया जा रहा है। सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के परिवार की पूरी मदद कर रही है।

छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों के सपनों को पूरा कर रही तेंदूपत्ता बोनस योजना

छत्तीसगढ़ के सुकमा,राजनांदगांव में तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए तेंदूपत्ता बोनस दिया जा रहा है। सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के परिवार की पूरी मदद कर रही है। प्रदेशभर के तेंदूपता संग्राहकों के बच्चों की पढ़ाई में भी सरकार मदद कर रही है। उनके शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ आधारभूत संरचना में भी काफी विकास कार्य किए जा रहे हैं।

तेंदूपत्ता बोनस तिहार में सुकमा और बस्तर जिले के 86913 तेंदूपत्ता संग्राहकों को दस करोड़ रुपए से अधिक बोनस राशि की सौगात दी। सुकमा और बस्तर जिले के 80 हजार परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण के कार्य से जुड़े हुए हैं, इस बार 55 हजार परिवारों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य किया और उन्हें 9 करोड़ रुपए से अधिक की बोनस राशि प्राप्त हुई।
तेंदूपत्ता संग्राहकों की उन्नति के लिए इसके साथ ही दूसरी योजनाएं भी संचालित हो रही हैं, जिनमें संग्राहक परिवार के लिए बीमा, बेटियों की शादी तथा बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति शामिल है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए शासन द्वारा 50 हजार रुपए की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।

तेंदूपत्ता बाेनस मिलने से परिवार को सहारा मिला

कुशलपारा निवासी जयंती बाई को तेंदूपत्ता योजना में 7 हजार 865 रुपए की बोनस राशि मिली। इसे पाकर खुशी जताते हुए जयंती ने बताया कि यह राशि हमारे घर-परिवार को कुशलतापूर्वक गुजर-बसर करने में सहयोग होगा। बोनस राशि का उपयोग हम घर के जरूरी खर्चें को निबटाने में करेंगे। इससे हमें अब घर चलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी, साथ ही बच्चों को और अच्छे से पढ़ा-लिखा सकेंगे। इससे हमें तेन्दूपत्ता संग्रहण के कार्य के लिए और प्रोत्साहन भी मिल रही है।

बैल जोड़ी खरीदने का सपना पूरा हुआ

तेन्दूपत्ता के बोनस पाकर रामजी राम के बैलजोड़ी खरीदने का सपना साकार हो गया। जिला राजनांदगांव के ग्राम मुरझर निवासी रामजी को 40,593 रूपए का बोनस मिला। बोनस पाकर राम जी ने कहा कि बोनस मिलना तो जैसे आम का आम और गुठली का दाम है। अब मेरी बैल-जोड़ी खरीदने का सपना पूरा हो गया। वहीं बचे हुए पैसों से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई हो रही है।

बोनस में मिले पैसे से खेती में सुधार किया

ग्राम अलीगुड़ा निवासी सोढ़ी कोसा ने बताया कि पिछले साल 6 हजार 445 गड्डी तेन्दुत्ता का संग्रहण किया था। मुझे 11 हजार 111 रुपए बोनस राशि मिली थी। इसका उपयोग मैने अपने खेत-सुधार के लिए किया । इससे मुझे और अधिक आमदनी मिलने लगी। अब तेन्दुपत्ता संग्रहण के साथ-साथ खेतों में फसल की अच्छी पैदावार ले रहा हूं। तेन्दूपत्ता बोनस की रािश देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का बहुत आभारी हूं।

घर की मरम्मत के लिए अब नहीं कोई चिन्ता

सुकमा जिले के चिन्तलनार ग्राम के मुचाकी पोदिया ने बोनस तिहार की राशि 8 हजार 236 रुपए से घर की मरम्मत कराई। उन्होंने कहा कि यह राशि मेरे लिए अतिरिक्त आमदनी है। इससे अब मेरे घर-मरम्मत का कार्य आसानी से हो गया और इसकी चिन्ता दूर हो गई है। इसके लिए बहुत पहले से सोच रहा था लेकिन रुपए की कमी सता रही थी। परिवार में सात सदस्य है इस राशि से परिवार के गुजर-बसर सहित घर मरम्मत के कार्य में कोई परेशानी नहीं हुई। मुचाकी ने बताया कि उसकी तरह अन्य लोगों को भी राहत मिली है।
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