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शहर के इंटीग्रेटेड थानों में सुपर टीआई फार्मूला, एक थाने में होंगे अब दो थानेदार, आमानाका से की जा रही शुरुआत

शहर में नए इंटीग्रेटेड थानों में पुलिस अब सुपर टीआई फार्मूला के तहत नई व्यवस्था होने जा रही हैए जिसमें एक जगह से दो थानेदार कानून व्यवस्था संभालेंगे।

शहर के इंटीग्रेटेड थानों में सुपर टीआई फार्मूला, एक थाने में होंगे अब दो थानेदार, आमानाका से की जा रही शुरुआत

एक्सक्लूसिव/ रायपुर। शहर में नए इंटीग्रेटेड थानों में पुलिस अब सुपर टीआई फार्मूला के तहत नई व्यवस्था होने जा रही हैए जिसमें एक जगह से दो थानेदार कानून व्यवस्था संभालेंगे। इसकी शुरुआत आमानाका थाने से होगी, जहां पर प्रभारी टीआई के ऊपर वरिष्ठता के हिसाब से अतिरिक्त थानेदार का सुपरविजन होगा। शहर में कानून व्यवस्था दुरुस्त करने नए प्रयोग की तैयारी है। अभी तक टीआई के ऊपर सीएसपी प्रभारी अफसर होते हैं, जिनके नियंत्रण में थानों के कामकाज की निगरानी का जिम्मा होता है।

हाल में आमानाका थाना के लोकार्पण करने के बाद इसकी तैयारी हो चुकी है। इस थाने में दो थानेदार आम लोगों की फरियाद सुनने को हाजिर होंगे। बताया जा रहा है कि इंटीग्रेटेड थाने में कर्मचारियों के रुकने से लेकर फरियादियों की काउंसिलिंग और फिर उस क्षेत्र में कानून व्यवस्था संभालने की दोहरी जिम्मेदारी होगी। लिहाजा जिले में अतिरिक्त थानेदार को पदस्थ करने पर मुख्यालय से सहमति बन चुकी है। थानों के कामकाज का बंटवारा होने से व्यवस्था में कसावट आएगी।

आमानाका के अलावा कोतवाली और फिर तेलीबांधा थाने को इंटीग्रेटेड थाना का स्वरूप देने प्रस्ताव लंबित है। कोतवाली में जल्द काम शुरू होगा। सालों पुरानी इमारत ढहाकर यहां पर हाईटेक कंट्रोल रूम और थाना बनाया जाएगा। तीनों थानों को अपग्रेड करने के लिए पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च होगी। एसएसपी आरिफ शेख के मुताबिक शहर में नई व्यवस्था लागू करके कानून के परिपालन में कसावट लाने प्रयोग होगा। आमानाका थाना पहला ऐसा थाना है, जहां पर सारी सुविधाएं मौजूद हैं। दो थानेदारों को पदस्थ करके यहां नए प्रयोग की शुरुआत होगी। इससे फरियादियों को भी मदद और राहत मिलेगी।

दो करोड़ में प्रदेश का पहला इंटीग्रेटेड थाना

आमानाका के नए थाने पर लगभग दो करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, जिसमें काउंसिलिंग से लेकर मीटिंग हॉल और स्टाफ के आराम करने के लिए अलग.अलग कक्ष बनाए गए हैं। यह शहर का पहला इंटीग्रेटेड थाना है, जिसमें जीपीएस प्रणाली से हाईटेक मॉनिटर के साथ निगरानी सिस्टम भी लगाया गया है। थाने के बाहर लगे कैमरे सर्विलांस सिस्टम से जुड़े हैं, जिसकी वजह से निगरानी भी अब पहले से बेहतर हो रही है।

लाइन में पदस्थ थानेदारों के पास मौका

बताया जा रहा है कि डीजीपी डीएम अवस्थी ने नई व्यवस्था बनाने के लिए राजधानी में फार्मूला तैयार करने को कहा है। इसके बाद लाइन में पदस्थ थानेदारों के लिए सुपर टीआई बनने का मौका मिल सकता है। वरिष्ठता के आधार पर थाने में कंट्रोल व सुपरविजन पावर होगा। बड़े थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था संभालने के बाद कागजी लिखा-पढ़ी की कार्रवाई तेजी से करने सहूलियत होगी।

नई योजना पर विचार

केंद्रीय योजना के तहत राजधानी में इंटीग्रेटेड थाने बनाए जा रहे हैं। आमानाका से शुरुआत की गई है, जिसमें विचार किया है कि यहां पर दो थानेदार पदस्थ किए जाएं।

- डीएम अवस्थी, डीजीपी

पुरानी इमारत ढहाकर नया निर्माण

कोतवाली थाना शहर के सबसे पुराने थानों में से एक है। अंग्रेजों के जमाने में इस थाने की नींव रखी गई थीए लेकिन केंद्र से इंटीग्रेटेड थाना निर्माण के लिए अलग से बजट मिलने के बाद इस थाने को चिन्हांकित किया गया है। सबसे भीड़भाड़ वाले हिस्से में मौजूद इस थाने को अपग्रेड करने पुरानी इमारत तोड़कर नया निर्माण कराना होगा। जितनी जगह की आवश्यकता होगी, इसके लिए आवासीय कांप्लेक्स का भी हिस्सा शामिल किया जाएगा।


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