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छह पुलिसकर्मियों के डिमोशन पर फंसा पेंच, नई ज्वाइनिंग में दिक्कत, साल 2011 में गैंगस्टर तपन के गुर्गे विद्युत चौधरी को दबोचने पर मिला था प्रमोशन

छतीसगढ़ पुलिस सेवा के छह पुलिसकर्मियों के डिमोशन पर पुलिस मुख्यालय के आदेश में पेंच फंस गया है। प्रमोशन पाने वाले सभी पुलिसकर्मियों की पहले प्रमोशन को गलत बताकर वापस किया है, लेकिन आदेश के तीसरे दिन भी उनको नई ज्वाइनिंग का आदेश नहीं मिला है।

छह पुलिसकर्मियों के डिमोशन पर फंसा पेंच, नई ज्वाइनिंग में दिक्कत, साल 2011 में गैंगस्टर तपन के गुर्गे विद्युत चौधरी को दबोचने पर मिला था प्रमोशन

रायपुर। छतीसगढ़ पुलिस सेवा के छह पुलिसकर्मियों के डिमोशन पर पुलिस मुख्यालय के आदेश में पेंच फंस गया है। प्रमोशन पाने वाले सभी पुलिसकर्मियों की पहले प्रमोशन को गलत बताकर वापस किया है, लेकिन आदेश के तीसरे दिन भी उनको नई ज्वाइनिंग का आदेश नहीं मिला है। इससे डिमोट पुलिसकर्मियों को ड्यूटी कहां और कौन से पद पर करती है, इसकी स्थिति साफ नहीं है। दरअसल डिमोट पुलिसकर्मियों में से अधिकांश को साल 2010 से 2018 के बीच 2 से 3 प्रमोशन मिले हैं यानी प्रमोशन पाने वाले सहायक आरक्षक से एसआई तक प्रमोट हो चुके हैं। वर्तमान में एसआई के पद पर तैनात हैं, लेकिन उनका एक प्रमोशन आदेश कैंसल किया गया है। ऐसी दशा में अब वे किस पद पर कार्य करेंगे, इसे लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। यही नहीं, जिन पुलिसकर्मियों को डिमोट किया गया है, उनके संबंधित एसपी और आईजी रेंज को भी पुलिस मुख्यालय से आदेश नहीं भेजा गया है।

डिमोट पुलिसकर्मियों ने कहा गलत है आदेश

डिमोट पुलिसकर्मियों ने कहा, पुलिस मुख्यालय ने गलत तरीके से आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा, नव आरक्षक रंजीत कुमार पिल्ले को नव आरक्षक से प्रधान आरक्षक बनने की ट्रेनिंग नहीं करने पर डिमोट किया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि रंजीत कुमार पिल्ले को पुलिस मुख्यालय से ट्रेनिंग का आदेश नहीं मिला और न ही प्रमोशन का लाभ मिला है।

- एसआई अंबरीश शर्मा, आरक्षक अतुलेश राय और अवधेश यादव को घटना एवं दस्तावेज की डिटेल नहीं मिली है, लेकिन साल 2011 में टिकरापारा इलाके से गैंगस्टर तपन सरकार के गुर्गे विद्युत चौधरी को इंटेलिजेंस की सूचना पर पकड़ा गया था, जिसका टिकरापारा में केस दर्ज होने का दावा किया गया है। इसमें तीनों को साल 2012 में प्रमोशन मिला था।

- डिमोट आरक्षक अंगनपल्ली गणपत राव एवं राकेश जाट को माओवादी मोर्चे पर बेहतर कार्य करने पर प्रमोशन मिला था।

प्रमोट करने वाले अफसरों पर कार्यवाही क्यों नहीं

पुलिस मुख्यालय ने साल 2010 से 2015 के बीच जिन छह पुलिसकर्मियों का प्रमोशन हुआ था, अधिकांश एसबी और इंटेलीजेंस में तैनात थे। उनके प्रमोशन की डिटेल फाइल संबंधित एचओडी द्वारा तैयार की गई थी और शासन तक उसे भेजा गया थाए लेकिन हैरतअंगेज बात है कि जिन अफसरों ने गलत आदेश जारी किया, उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इसे लेकर पुलिस विभाग में चर्चा तेज हो गई है।

हाईकोर्ट की राह पर डिमोट पुलिसकर्मी

जानकारी के मुताबिक डिमोट हुए सभी छह पुलिसकर्मी अब पुलिस मुख्यालय के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। डिमोशन आदेश को चुनौती देने वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। ऐसे में जल्द ही याचिका दायर किए जाने की संभावना है।

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