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समन्वित कृषि प्रणाली और उन्नत तकनीक से कवर्धा के शिव ने बदल डाली अपनी ज़िंदगी

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के एक साधारण किसान समन्वित कृषि प्रणाली और उन्नत कृषि तकनीक अपनाकर पिछले पांच वर्षों में अपनी आमदनी दो-चार गुनी नहीं बल्कि कई गुना बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है

समन्वित कृषि प्रणाली और उन्नत तकनीक से कवर्धा के शिव ने बदल डाली अपनी ज़िंदगी

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के एक साधारण किसान समन्वित कृषि प्रणाली और उन्नत कृषि तकनीक अपनाकर पिछले पांच वर्षों में अपनी आमदनी दो-चार गुनी नहीं बल्कि कई गुना बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है।

ये किसान हैं कबीरधाम जिले के ग्राम कोको निवासी श्री शिव कुमार चन्द्रवंशी। उन्होंने राज्य सरकार के कृषि विभाग तथा कृषि विज्ञान केन्द्र कबीरधाम के मार्गदर्शन में विरासत में मिली लगभग 6 एकड़ भूमि पर नवीनतम कृषि तकनीक के साथ समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर सफलता की नई कहानी लिखी है।

शिव कुमार ने धान, सोयाबीन और चने की परम्परागत खेती के स्थान पर ड्रिप सिंचाई पद्धति से केला, पपीता, चुकंदर और सब्जियों की खेती के साथ-साथ पशुपालन, बकरी पालन तथा मुर्गी पालन को अपनाकर अपनी आय प्रति वर्ष 40 हजार की बजाय 4 लाख रूपये कर ली है। किसानी शिव कुमार ने कक्षा आठवीं तक पढ़ाई करने के बाद गांव में ही टेलरिंग का कार्य शुरू किया।
धीरे-धीरे उनका झुकाव खेती-बाड़ी की तरफ होने लगा। उन्होंने लगभग 6 एकड़ पैतृक भूमि पर परंपरागत विधि से धान, सोयाबीन और चने की खेती प्रारंभ की जिससे उन्हें प्रति वर्ष 40-50 हजार रूपये आय होने लगी। इसी बीच वर्ष 2012-13 में कृषि विज्ञान केन्द्र कबीरधाम के वैज्ञानिकों के संपर्क में आने के बाद शिव कुमार ने उनकी सलाह पर समन्वित कृषि प्रणाली अपनाई।

नीले रंग का कार्ड कुपोषण का

नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाया और फसल विविधिकरण कर केले, पपीते, चुकंदर और सब्जियों की खेती ड्रिप इरिगेशन पद्धति से शुरू की। इसके साथ ही उन्होंने पशु पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन का कार्य भी शुरू किया।
उन्होंने अपने सभी खेतों पर ड्रिप पद्धति को अपनाया। श्री शिव कुमार अपने फार्म पर ही अजोला एवं अन्य हरे चारों को उत्पादन भी करते हैं जिससे पशु पालन की लागत कम होती है और दूध उत्पादन में वृद्धि होती है। वे फार्म पर केचंआ खाद का निर्माण भी करते हैं।

पादप जिनोम संरक्षक कृषक सम्मान मिला

शिव कुमार परंपरागत किस्मों के बीजों के संरक्षण का कार्य भी कर रहे हैं जिसके लिए केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने उन्हें पादप जिनोम संरक्षक कृषक सम्मान 2015 प्रदान कर एक लाख रूपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
किसान श्री शिव कुमार को विगत दिवस कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा भुईयां के भगवान एवं कृषक समृद्धि सम्मान से भी सम्मानित किया गया है। शिव कहते हैं कि उन्हें कृषि से जो सम्मान िमला है वह कहीं और से नहीं।

दूसरों को देते हैं प्रेरणा

शिव कुमार एक ऐसे किसान हैं, जो दूसरों को प्रेरणा भी देते हैं कि वे अपनी खेती को इस तरह से आगे बढ़ाएं कि जमीन भी अच्छी रहे और आमदनी भी लगातार बढ़ती रहे।

गुजरात में पुरस्कार मिला

शिव कुमार रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों का कम से कम उपयोग करते हैं तथा जैविक कीटनाशकों का अधिक उपयोग करते हैं। श्री शिव कुमार को उनके द्वारा अपनाए नवाचारी प्रयासों के लिए गुजरात सरकार द्वारा गुजरात वाइब्रेन्ट समिट में तीन लाख रूपये का नगद पुरस्कार दिया गया था। उनकी कृषि प्रणाली को देश में ख्याति मिली।
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