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सेल्फी विथ क्वॉरेंटाइन फैमिली : कोरोना को हराना है तो परिवार के साथ दिल लगाना है, पुरस्कार बांट रही बिलासपुर पुलिस

छत्तीसगढ़ से कोरोना के महामारी को हराना है तो इन दिनों अपने पूरे परिवार के साथ में घरों में रहकर ही दिल लगाना है! लेकिन इस दौरान परिवार के साथ वक्त बिताने को सराहना मिले और पुरूस्कार भी मिले, तो उस पल की अहमियत और भी अधिक बढ़ जाती है! जी हाँ, छत्तीसगढ़ की न्यायाधानी बिलासपुर जिले के पुलिस विभाग ने एक छोटी सी नहीं बल्कि एक नायाब कोशिश की मिशाल पेश की है! जहाँ लोगो के लिए परिवार के साथ समय गुजारने का बेहतर आइडिया आपको पुरूस्कार का हकदार भी बना रहा है.

सेल्फी विथ क्वॉरेंटाइन फैमिली : कोरोना को हराना है तो परिवार के साथ दिल लगाना है, पुरस्कार बांट रही बिलासपुर पुलिस
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बिलासपुर. छत्तीसगढ़ से कोरोना के महामारी को हराना है तो इन दिनों अपने पूरे परिवार के साथ में घरों में रहकर ही दिल लगाना है! लेकिन इस दौरान परिवार के साथ वक्त बिताने को सराहना मिले और पुरूस्कार भी मिले, तो उस पल की अहमियत और भी अधिक बढ़ जाती है! जी हाँ, छत्तीसगढ़ की न्यायाधानी बिलासपुर जिले के पुलिस विभाग ने एक छोटी सी नहीं बल्कि एक नायाब कोशिश की मिशाल पेश की है! जहाँ लोगो के लिए परिवार के साथ समय गुजारने का बेहतर आइडिया आपको पुरूस्कार का हकदार भी बना रहा है!

दरअसल बिलासपुर ने सेल्फी विथ फेमिली क्वारेंटाइन की शुरुआत की है! इसमें घरो से सेल्फी भेजने वाले प्रतिभागियों को पुरूस्कार लेने के लिए कहीं आने की भी जरूरत नहीं है! बल्कि बिलासपुर पुलिस के इस मुहीम के नोडल अधिकारी समेत राजपत्रित अधिकारी व अन्य पुलिसकर्मी उन प्रतिभागियों के घर पहुँच रही है! जिनके फोटो सबसे जुदा हो और घर में रहने के दौरान कोरोना महामारी के बचाव से बचने के लिए जागरूक भी कर रही है! इन तमाम फोटो को प्रतिभागी अपने व्हाट्सएप के जरिए पुलिस द्वारा जारी नंबर पर भेज रहें है! जिनके बेस्ट से बेस्ट फोटो को सेलेक्ट कर पुलिस केm आला अधिकारी विनर का चयन कर रहे है और बकायदा उनके घरों में जाकर गिफ्ट पैक, चाकलेट और हैण्ड सेनिटाइजार भी भेंट कर रही है! केवल इतना ही नहीं बल्कि बिलासपुर पुलिस उन विनर के फोटोज को अपने सोशल साइड्स फेसबुक, व्हाट्सएप और इंट्राग्राम समेत ट्विटर पर भी शेयर कर रही है!

इस सम्बन्ध में प्रशिक्षु डीएसपी व मुहीम के नोडल अधिकारी अभिनव उपाध्याय ने बताया कि कोरोना हमारे लिए अलार्मिंग कॉल है, इससे बचने का एक ही मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा समय लोग अपने घरों में ही रहें! इस मुहीम में दृष्टी वेलफेयर संस्था ने भी मदद किया है! बिलासपुर पुलिस अधिकारीयों के निर्देश पर लोगो के सहयोग के लिए मानवीय पुलिसिंग का परिचय दें... लिहाजा फेमिली सेल्फी विथ क्वारेंटाइन की पहल की है! इस मुहीम से हमे बिलासपुर वासियों का बहुत प्यार मिल रहा है, वे अपने परिवार वालों के साथ हंसी और ठिठोली व कोरोना से जागरूक करने जैसे फोटोज शेयर कर रही है! ऐसे उन विजेताओं को पुरूस्कार देने की पहल की शुरुआत एक कदम और आगे बढ़कर हमने शुरू की है! इस दौरान उनके घर जाने पर उनका बिलासपुर पुलिस के कार्य के प्रति सराहना सुनकर हमे अपनी ड्यूटी के प्रति जागरूक और जिम्मेदार भी बना रहा है!

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला पुलिस ने इस अनोखी मुहीम की शुरुआत करने में पहला खिताब अपने नाम दर्ज करा लिया है! इस दौरान सेल्फी विजिता अपने घर के बाहर बिलासपुर पुलिस की टीम को देखकर कुछ समय के लिए भौचक भी हो रही थी, लेकिन पुलिस के हाथों उपहार का पिटारा देखकर उनकी ख़ुशी फुले नहीं समा रही थी! इस सम्बन्ध में विजिता नेता द्विवेदी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताई कि, हम तो पुलिस को हर कदम पर सपोर्ट करते है, लिजाहा हमने उनकी मुहीम पर भाग लिया और परिवार वालों के साथ सेल्फी भेजी, हालाकि उपहार की हमे कोई आवश्कता नहीं है, चूँकि पुलिस अपनी जान जोखिम में डालकर हम जैसे आम लोगो की जिंदगी को सुरक्षित करने के लिए काम कर रही है, ऐसे में पुलिस टीम को सलाम करना ही हमे गर्व होने का अहसास दिलाता है! वहीँ विजिता आशीष कुमार साहू ने भी बताया कि हर कोई अलग-अलग तरह से कोरोना के प्रति जागरूक होने की अपील कर रही है, ऐसे में मैंने भी कोरोना से डरोना और हाथ को धोते रहो ना का शार्ट सांग बनाया था! जिसे हर किसी से पसंद किया और आज बिलासपुर पुलिस ने मुझे उपहार का हकदार समझकर गिफ्ट दिया है! जिससे मैं बहुत खुश हूँ और बिलासपुर पुलिस के लिए मेरा सम्मान और भी बढ़ गया है! इस दौरान प्रशिक्षु डीएसपी व नोडल अधिकारी अनुभव उपाध्याय, प्रशिक्षु डीएसपी श्रृष्टि चंद्राकर व जोगिता साहू समेत दृष्टी वेल्फेयर की संस्था की टीम मौजूद रही!

गौरतलब है कि बेसक बिलासपुर पुलिस की यह कोशिश घर से बाहर ना निकले की नसीहत दे रही हो और परिवार वालों को सदस्यों के साथ ही वक्त बिताने की सीख दे रहा हो, लेकिन हकीकत में फर्ज तो अपना भी है कि हम ज्यादा से ज्यादा वक्त अपने घरों में गुजारे और कोरोना महामारी के डर को घर से बाहर भगाएं!



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