logo
Breaking

आरएसएस देश का सबसे बड़ा पाखंडी संगठन : भूपेश बघेल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने एक बार फिर आरएसएस को एक खुला पत्र लिखा है और कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश का सबसे बड़ा पाखंडी संगठन है।

आरएसएस देश का सबसे बड़ा पाखंडी संगठन : भूपेश बघेल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने एक बार फिर आरएसएस को एक खुला पत्र लिखा है और कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश का सबसे बड़ा पाखंडी संगठन है। उन्होंने कहा है कि संघ भारत को समझने का लाख दावा करे लेकिन वह दरअसल इस देश को हिटलर और मुसोलिनी के चश्मे से देखता है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि भाजपा के लिए चुनावी ज़मीन तैयार करने वाला संघ अगर सरकार के शराब बेचने और भाजपा नेता की गौशाला में गौ हत्या पर चुप रहता है तो इससे समझ में आता है कि उसके आदर्श थोथे और दिखावटी हैं।

अपने पत्र में संघ को न रमन सरकार के शराब बेचने से परेशानी, न भाजपाइयों की गोहत्या से कोई तो वजह है कि देश में तीन तीन बार प्रतिबंध लगाना पड़ा है संघ पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी की बात नागवार गुज़री है। उन्होंने कहा था कि आरएसएस मुस्लिम ब्रदरहुड की तरह का संगठन है, लेकिन आरएसएस की ओर से आई प्रतिक्रिया बचकानी हैं संघ का कहना है कि जो भारत को नहीं समझता वह संघ को नहीं समझ सकता. ऐसा कहना तथ्यों से परे, अतिशयोक्तिपूर्ण और दंभ से भरा हुआ है।”
उन्होंने कहा है कि संघ का कहना है कि जो भारत को नहीं समझते वो संघ को नहीं समझ सकते लेकिन संघ को जो थोड़ा बहुत जानते हैं वो यह भी जानते हैं कि यह वही संघ है जिसकी इस देश की आज़ादी की लड़ाई में कोई भूमिका नहीं थी। उल्टे वो आज़ादी की लड़ाई में भाग लेने वालों को हतोत्साहित कर रहे थे. वे अंग्रेज़ों से माफ़ी मांग रहे थे, वे मुसोलिनी जैसे तानाशाह को अपना आदर्श मान रहे थे और हिटलर की तारीफ़ कर रहे थे।
संघ के लोग ही तिरंगे के भी ख़लिफ़ थे और हाल के वर्षों तक अपने मुख्यालय में तिरंगा तक नहीं फ़हराते थे, संघ के प्रणेताओं में से एक ने ही धर्म के आधार पर ‘दो राष्ट्र’ (ज्व छंजपवदे) का सिंद्धांत दिया जिसके आधार पर भारत का विभाजन हुआ। उन्होंने कहा है, “यह कोई कैसे भूल सकता है कि संघ पर इसी देश में एक बार नहीं, तीन तीन बार प्रतिबंध लग चुका है. पहली बार तो सरदार वल्लभ भाई पटेल ने यह प्रतिबंध लगाया था जिन्हें अब भाजपा अपना आदर्श बताने में जुटी है।”
Share it
Top