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बदलापुर की राजनीति नहीं, सरकार में न्याय दिलाने की हो रही बातः भूपेश बघेल

शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विपक्ष पर जमकर बरसे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में बदले की नहीं, बल्कि न्याय की बात होगी। विपक्ष बार-बार बदले की बात कर रहा है।

बदलापुर की राजनीति नहीं, सरकार में न्याय दिलाने की हो रही बातः भूपेश बघेल
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शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विपक्ष पर जमकर बरसे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में बदले की नहीं, बल्कि न्याय की बात होगी। विपक्ष बार-बार बदले की बात कर रहा है। यहां कोई बदलापुर की राजनीति नहीं चल रही। यहां न्याय दिलाने की बात हो रही है।

जहां-जहां गड़बड़ी हुई है, उन सभी मामलों की जांच कर दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। बघेल विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के कृतज्ञता ज्ञापन पर सदन में जवाब दे रहे थे।
उन्होंने आईजी कल्लूरी को लेकर उठाए जा रहे सवाल पर कहा कि कल तक जो अधिकारी बहुत ही विश्वासपात्र था, उसे ही जांच का जिम्मा दिया है। अब वही बताएगा कि डायरी में उल्लेख किया गया सीएम मैडम कौन है, सीएम सर कौन है?
बघेल ने शराबबंदी को लेकर विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आप लोग शराबबंदी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ये कोई नोटबंदी नहीं है, जिसमें हजारों लोग मर गए। किसी को विश्वास में नहीं लिया गया। 500 के नोट को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। हमने कहा है हम शराबबंदी करेंगे, लेकिन राज्य में 85 तहसील अनुसूचित क्षेत्रों में आते हैं। हम बात करेंगे, हमने कमेटी भी बनाई है। आप चाहते हैं कि 20 दिन में फैसला हो जाए। फैसला होगा, लेकिन पूर्ण व्यवस्था के साथ होगा, हमें जनमत 5 साल के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि शराब एक सामाजिक बुराई है। सरकार के साथ समाज को भी आगे आना होगा। हमने इसकी कोशिश भी शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि नक्सल मुद्दे को लेकर इसी विधानसभा में क्लोजडोर मीटिंग हुई थी, लेकिन क्या उसके निष्कर्षों पर अमल किया गया। हम सिर्फ जवानों को श्रद्धांजलि देते रहे। पिछली सरकार के सीएम ने नक्सलियों को गले लगाने की बात कही थी, बिगड़ा बेटा कहा था। हमने कहा है, हम प्रभावितों, पत्रकारों, वकीलों से बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का मुद्दा हो या शराबबंदी का, जो पूर्ववत व्यवस्था है, वह चलती रहेगी। भले ही इसमें सालभर क्यों न लग जाएं। हम चर्चा करने के बाद विश्वास में लेने के बाद कठोर कदम उठाएंगे।
चिटफंड पीड़ितों को न्याय दिलाएंगे
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष जांजगीर चांपा के उस मेले को आप भूल गए, जिसमें चिटफंड कंपनी का उद्घाटन किया था। आपने तीन हजार उन एजेंटों को जेल में ठूंस दिया, जिन्होंने पहले कंपनियों में निवेश किया और बाद में एजेंट बने। ये गरीबों के खून पसीने की कमाई का पैसा है। ये कमीशनखोरी का पैसा नहीं है। हम वापस दिलाएंगे, अभी तो सरकार को 20 दिन ही हुए हैं। पहले हमने उनके प्रकरण वापस लेने का आदेश जारी कर दिया है।
पहली बार किसानों की सरकार बनी
उन्होंने कहा कि किसानों की आत्महत्या की बड़ी चर्चा हुई। पिछले सत्र में हमने किसानों की आत्महत्याओं को लेकर चर्चा की है। कवर्धा, महासमुंद, कांकेर में किसानों ने आत्महत्या की थी। कई किसानों ने बिजली बिल अधिक आया, तो खुदकुशी की थी। कृषि ऋण मध्यकालीन-दीर्घकालीन क्या होता है। हमने जो कहा है, उसे किसानों ने समझा है। अभी किसानों के आंकड़े आने बाकी हैं। हमने 6100 करोड़ माफ किया है। हो सकता है यह आंकडा और आगे बढ़े। अभी हमने राष्टीयकृत बैंक के किसानें के ऋण की जानकारी मंगाई है। इतनी बड़ी संख्या में कभी किसानों की कर्जमाफी नहीं हुई, उसके बाद भी आप किंतु परंतु लगा रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ का किसान महसूस कर रहा है कि पहली बार किसानों की सरकार बनी है। आप 15 साल में 2100 रुपये समर्थन मूल्य देने का फैसला नहीं कर पाए।
ननकीराम की शिकायत पर जांच के आदेश
भूपेश बघेल ने विपक्ष को पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की ओर से की गई शिकायतों को लेकर कहा कि श्री कंवर ने आपको एक अधिकारी की शिकायत की थी, लेकिन उसे रद्दी की टोकरी में डाल दिया। आपने उनके पत्र का सम्मान नहीं किया, लेकिन हम सम्मान करेंगे। पूर्व मंत्री ने जो पत्र दिया है, उस पर भी कार्रवाई का आदेश दिया है।

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