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डॉ. रमन सिंह खाली करेंगे मुख्यमंत्री आवास, एक दिन पहले ही छोड़ चुके सरकारी वाहन

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह 13 दिसंबर को अपना सीएम हाउस खाली कर सकते हैं। वे विधायक कॉलोनी स्थित मौलश्री विहार बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं। सीएम हाउस में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। सीएम हाउस और मौलश्री विहार के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात मिले।

डॉ. रमन सिंह खाली करेंगे मुख्यमंत्री आवास, एक दिन पहले ही छोड़ चुके सरकारी वाहन

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह 13 दिसंबर को अपना सीएम हाउस खाली कर सकते हैं। वे विधायक कॉलोनी स्थित मौलश्री विहार बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं। सीएम हाउस में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। सीएम हाउस और मौलश्री विहार के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात मिले।

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद डॉ. रमन सिंह ने सरकारी वाहन का उपयोग छोड़ दिया था। बुधवार को मुख्यमंत्री को उपयोग आने वाली सभी गाड़ियां मुख्यमंत्री निवास के सामने कतार से खड़ी थीं। सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री निवास आने-जाने वालों की संख्या कम हो गई। केवल कुछ करीबी अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के ओएसडी रहे सरकारी और गैर सरकारी लोग मौजूद रहे।
इधर विधायक कॉलोनी में स्थित डॉ. रमन सिंह के बंगले मौलश्री विहार में पूरे दिन हलचल बनी रही। उनके पुत्र सांसद अभिषेक सिंह मौजूद रहे। जानकारों की मानें, तो डॉ. रमन ने अपने प्रथम कार्यकाल में सभी विधायकों को वीआईपी रोड के बगल में जमीन आबंटित की थी, जिसमें तत्कलीन सभी विधायकों ने अपना घर बनवाया है।
इसी कॉलोनी में डॉ. सिंह के नाम से भी जमीन आवंटित है, जिस पर उन्होंने बंगले का निर्माण कराया है। वास्तु के अनुरूप बने इस बंगले में मुख्यमंत्री के तीसरे कार्यकाल के दौरान डॉ. सिंह ने शानदार पूजा-पाठ के साथ उद्धाटन कराया था। डॉ. सिंह यहां शिफ्ट हो सकते हैं।
हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्य सरकार बंगला आबंटित करती है, जिसके चलते डॉ. रमन सिंह को नई सरकार बनने के बाद कोई बंगला आवंटित हो सकता है।
राज्य सरकार की इसी नीति के कारण पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को राज्य सरकार ने सागौन बंगला दिया था, इसलिए 2004 से वे सागौन बंगले में ही निवासरत हैं, जबकि नई पार्टी बनाने के बाद बंगले के आवंटन को लेकर तरह-तरह की बातें होती रही हैं।
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