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रायपुर स्मार्ट सिटी ने प्रथम फेज में बनाया 40 करोड़ का प्रोजेक्ट, गंज मंडी के खाली हिस्से में बनेगा जी प्लस, 6 कमर्शियल कांप्लेक्स

दशकभर से लंबित शहर की सबसे बड़ी गंज मंडी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन निकाय चुनाव से पहले होने के आसार हैं। रायपुर स्मार्ट सिटी ने पूरे 26 एकड़ में एक साथ प्रोजेक्ट शुरू करने के बजाए इसे फेजवाइज बनवाने का निर्णय लिया है।

रायपुर स्मार्ट सिटी ने प्रथम फेज में बनाया 40 करोड़ का प्रोजेक्ट, गंज मंडी के खाली हिस्से में बनेगा जी प्लस, 6 कमर्शियल कांप्लेक्सRaipur Smart City to build 40 crore project in first phase, G Plus to be built in vacant part of Ganj Mandi

रायपुर। दशकभर से लंबित शहर की सबसे बड़ी गंज मंडी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन निकाय चुनाव से पहले होने के आसार हैं। रायपुर स्मार्ट सिटी ने पूरे 26 एकड़ में एक साथ प्रोजेक्ट शुरू करने के बजाए इसे फेजवाइज बनवाने का निर्णय लिया है। प्रथम फेज में गंज मंडी के खाली हिस्से पर 40 करोड़ खर्च कर जी प्लस 6 कमर्शियल कांप्लेक्स बनाया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी के पैनल्ड टाटा कंसल्टेंसी ने ड्राइंग डिजाइन तैयार की है, इस्टीमेट बनाने का काम चल रहा है। संचालक मंडल से इसी सप्ताह बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर किया जाएगा।

दरअसल गंज मंडी प्राेजेक्ट को लेकर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने जो योजना तैयार की है, उसके हिसाब से इस प्रोजेेक्ट को तीन अलग-अलग फेज में पूरा करने शेड्यूल बनाया गया है। प्रथम फेज में निवेदिता स्कूल के पीछे वाले हिस्से में खाली पड़ी 36 हजार वर्गफीट जमीन पर कमर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण के साथ करेगी। इसमें 40 करोड़ खर्च होंगे। प्राेजेक्ट के प्रभारी अधिकारी संजय शर्मा ने बताया, 36 हजार वर्गफीट में से 20 हजार वर्गफीट जमीन पर कंस्ट्रक्शन किया जाएगा, बाकी हिस्सा खाली छोड़ेंगे। योजना के मुताबिक

प्रथम फेज में जो कमर्शियल कांप्लेक्स बनेगा, उसमें दो फ्लोर पर पार्किंग और ग्राउंड फ्लोर कमर्शियल कार्याें के लिए रहेगा। प्रथम फ्लोर पर निवेदिता स्कूल के लिए दिया जाएगा। साथ ही निवेदिता स्कूल वाले कांप्लेक्स में जो दुकानदार हैं, उन्हें नवनिर्मित कांप्लेक्स में दुकानें दी जाएंगी। जबकि दूसरे फेज के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी प्रथम फेज पूरा होने के बाद ऑनलाइन टेंडर कर कंपनी का चयन करेगा, जिसमें गंज मंडी इलाके के प्रोजेक्ट के दायरे में आ रहे 80 आवासीय मकानों को शिफ्ट करने आवास बनाकर देने की योजना है। सेकंड फेज का काम पीपीपी मोड पर क्लीयर पजेशन मिलने के बाद ही शुरू होगा। सूत्रों के मुताबिक सेकंड फेज में पीपीपी मोड पर चयनित एजेंसी के सामने यह शर्त रहेगी कि वह आवासीय और कमर्शियल कांप्लेक्स मास्टर प्लान के अनुरूप निर्माण कराए। इसके लिए उसे निर्धारित प्रारूप में नक्शा पास कराकर लैंडयूज चेंज कराना होगा। ऑनलाइन टेंडर में जो कंपनी ज्यादा ऑफर देगी, उसे गंज मंडी फेज 2 का काम मिलेगा।

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