logo
Breaking

सड़क मांग रहे स्कूली छात्रों पर बरसीं लाठियां, NCPCR ने मुख्य सचिव को पत्र भेजा

छत्तीसगढ़ के अमेरा में छात्राओं द्वारा मुख्य मार्ग से स्कूल के मेन गेट तक सड़क बनाने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान हुई प्रशासनिक बदसलूकी के मामले को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सूबे के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर दस दिन के अंदर विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

सड़क मांग रहे स्कूली छात्रों पर बरसीं लाठियां, NCPCR ने मुख्य सचिव को पत्र भेजा

छत्तीसगढ़ के अमेरा में छात्राओं द्वारा मुख्य मार्ग से स्कूल के मेन गेट तक सड़क बनाने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान हुई प्रशासनिक बदसलूकी के मामले को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सूबे के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर दस दिन के अंदर विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

बर्दाश्त नहीं ऐसी अमानवीयता

आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने कहा कि हरिभूमि के रायपुर संस्करण में सात सितंबर को ‘सड़क मांग रहे स्कूली बच्चों पर बरसीं लाठियां’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित की गई एक खबर के आधार पर मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है।

उन्होंने कहा, इन स्थितियों को टाला भी जा सकता था और बच्चों को अधिकारियों द्वारा अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए समझा-बुझाकर भी रास्ते से हटाया जा सकता था।

लेकिन उन्हें हटाने के लिए लाठियां चलाने के तरीके का प्रयोग करना आयोग को कतई मंजूर नहीं है। हम इसकी पुरजोर निंदा करते हैं। इसलिए एनसीपीसीआर ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मामले में संपूर्ण दस्तावेजों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिससे यह प्रकरण आईने की तरह साफ हो जाएगा और सारे तथ्य भी सामने आ जाएंगे।

पत्र का सार

आयोग द्वारा भेजे गए पत्र की एक प्रति हरिभूमि के पास मौजूद है। इसमें यह भी कहा गया है कि एनसीपीसीआर के अलावा अगर इस मामले पर किसी अन्य आयोग द्वारा भी राज्य प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है तो उनके पत्र की एक प्रति भी अपनी रिपोर्ट के साथ कमीशन को भेजी जाए।

यह था पूरा मामला

अमेरा के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा मुख्य मार्ग से स्कूल तक सड़क बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उन्हें हटाने के लिए लाठियां चलाईं।

जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद काफी हंगामा मचा और एसडीएम को सफाई देनी पड़ी कि एंबुलेंस के लिए रास्ता साफ करने के लिए बच्चों पर लाठियां लहराकर सड़क से उठाया गया है।

लेकिन हकीकत में अटल विकास यात्रा के प्रथम चरण के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के काफिले के बलौदाबाजार में प्रवेश से ऐन पहले रास्ते में प्रदर्शन कर रही बच्चियों से नाराज प्रशासन ने लाठियों के जरिए बल प्रयोग कर उन्हें वहां से उठाया।

Share it
Top