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निगम की लापरवाही से फ़ैल सकता है राजधानी में महामारी

शहर के गोकुनगर का कामधेनु समाधि स्थल केवल नाम का रह गया है। कहने को तो वहां बाकायदा कामधेनु समाधि स्थल का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन गोपालक और डेयरी संचालक गाय व भैंस के मृत हो जाने के बाद उसे सड़क के मुख्य मार्ग में फेंक रहे हैं। इस ओर ना निगम प्रशासन का ध्यान है, ना ही जिम्मेदार अधिकारी ध्यान दे रहे हैं।

निगम की लापरवाही से फ़ैल सकता है राजधानी में महामारी
शहर के गोकुनगर का कामधेनु समाधि स्थल केवल नाम का रह गया है। कहने को तो वहां बाकायदा कामधेनु समाधि स्थल का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन गोपालक और डेयरी संचालक गाय व भैंस के मृत हो जाने के बाद उसे सड़क के मुख्य मार्ग में फेंक रहे हैं। इस ओर ना निगम प्रशासन का ध्यान है, ना ही जिम्मेदार अधिकारी ध्यान दे रहे हैं।
गोकुल नगर से आरडीए कालोनी जाने वाले मुख्य मार्ग पर काठाडीह बीएसयूपी के पास एक भैंस और तीन मृत गायों को खुले में डाल दिया गया है। इससे इस मार्ग पर आने-जाने वालों को असुविधा हो रही है, जबकि पास में ही कामधेनु समाधि स्थल बना हुआ है।
आसपास के रहवासियों ने आशंका जताई है, जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो महामारी फैलने का अंदेशा है। काठाडीह के ग्रामीणाें ने वार्ड पार्षद के पास इसकी शिकायत की है। उनका ये भी कहना है, मृत मवेशियों को कच्ची सड़क के किनारे खुले में फेंक देने से वहां आवारा कुत्तों का झुंड मंडराता रहता है, जबकि इसी रास्ते से स्कूली बच्चों का आना-जाना होता है।
शहीद चंद्रशेखर वार्ड के गोकुलनगर में अव्यवस्था को लेकर वार्ड पार्षद यशोदा कमल साहू का कहना है, कामधेनु समाधि स्थल का सही उपयोग नहीं हो रहा। नगर निगम के पास अलग से गाड़ी की व्यवस्था नहीं है, जिसमें मृत मवेशियों को उठाकर निर्धारित स्थल पर ले जाया सके। जोन कमिश्नर से शिकायत की, लेकिन वे ध्यान नहीं दे रहे। अब सीधे आयुक्त से शिकायत करेंगे।

तत्काल दिखवाता हूं

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद निगम आयुक्त रजत बंसल ने बताया कि मृत मवेशियों को सड़क किनारे खुले में फेंकने की शिकायत आई है, इसे तत्काल दिखवाता हूं।
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