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ओम प्रकाश चौधरी के राजनीति में आने की अटकलें खत्म

चौधरी साहब आसान नहीं है राजनीति की डगर दादा के साथ जब पोते की जुगलबंदी होती थी तो अपनी वाकपटुता से वे सब को निरूत्तर कर देते थे, सब कहते थे ओपी हमारा बड़ा नाम करेगा।

ओम प्रकाश चौधरी के राजनीति में आने की अटकलें खत्म

चौधरी साहब आसान नहीं है राजनीति की डगर दादा के साथ जब पोते की जुगलबंदी होती थी तो अपनी वाकपटुता से वे सब को निरूत्तर कर देते थे, सब कहते थे ओपी हमारा बड़ा नाम करेगा। एक सामान्य परिवार से निकलकर आईएएस अफसर बन जाना वह भी 23 साल की उम्र में, क्या बड़ा काम नहीं था। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा इलाके में जो काम उन्होंने किया पूरे देश में चर्चा में ला दिया। प्रशासनिक महकमे में वे एक काबिल अफसर माने जाते थे, लेकिन मुश्किल से 13 साल की नौकरी छोड़ राजनीति में कूद पड़ेंगे अंदाजा नहीं था। उनकी काबिलियत पर कोई शक नहीं है, जो काम रायपुर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने किया हमेशा याद किया जाएगा।

जो शुरूआती चर्चा है उसके मुताबिक भाजपा उन्हें विधानसभा में आजमाना चाह रही है। मतलब साफ है कि जनसेवा के लिए चौधरी साहब अब नेतागिरी करेंगे। लेकिन साहब इतना भी जान लें कि राजनीति की डगर आसान नहीं है। कुछ दिनों से चर्चा चल रही थी इस्तीफे की लेकिन आज पुष्टि होने के बाद तय हो गया है कि चौधरी साहब अब भाजपा के हो गए हैं और सिर्फ औपचारिकता बाकी है। हालांकि चौधरी हमेशा सीएम के गुड बुक में रहे और यदि राजनीति करेंगे तो भी स्वाभाविक है सब कुछ उन्हीं के अनुसार तय होगा इसलिए कहा जा रहा है कि इस्तीफे की पटकथा भी पहले ही लिखी जा चुकी होगी। आमतौर पर रिटायर्ड हो चुके कुछ अफसरों के चुनाव लड़ने की संभावना जतायी जा रही थी लेकिन पद में रहते हुए कोई युवा अफसर राजनीति में कूद पड़ेगा अंदाजा नहीं था।

चूंकि वे खरसिया इलाके के हैं इसलिए उन्हें प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष उमेश पटेल के खिलाफ उतारा जा सकता है पर जातिगत समीकरण के लिहाज से दोनों अघरिया समाज से हैं, हालांकि मरार पटेल का भी इलाके में बाहुल्य है जो चौधरी के लिए प्लस बताया जा रहा है। उमेश के साथ मुकाबला कड़ा हो सकता है इसलिए रायगढ़ व चंद्रपुर की सीट पर भी संभावना तलाशी जा सकती है। यह भी बताया जा रहा है कि अमित शाह ने कांग्रेस की संभावित जीत वाली सीटों को चिन्हित कर रखा है। अन्य क्षेत्रों से चौधरी जैसे चेहरे और भी उतारे जा सकते हैं। एक अधिकारी के तौर पर चौधरी सफल रहे लेकिन राजनीति में कितना सफल हो पाते हैं समय बतायेगा। राजनीतिक पारी की शुरूआत के लिए चौधरी साहब को शुभकामनाएं Rs

कलेक्टर और भारतीय प्रशासनिक सेवा के ओम प्रकाश चौधरी के राजनीति में आने को लेकर अटकलें अब खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने अभी कुछ देर पहले ही एक आदेश जारी किया है कि भारत सरकार कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा ओम प्रकाश चौधरी का त्याग पत्र स्वीकृत कर लिया गया है। और जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। ओपी चौधरी के इस्तीफा देने के बाद राज्य शासन ने दीपक सोनी को रायपुर कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है

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