logo
Breaking

छत्तीसगढ़ में अब CBI की नो एंट्री, वापस ली गई 17 साल पहले दी गई सहमति

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेतृत्व वाली नई सरकार ने राज्य में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की एंट्री पर एक तरह से रोक लगा दी है। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने गुरुवार को केंद्र सरकार को पत्र जारी किया है।

छत्तीसगढ़ में अब CBI की नो एंट्री, वापस ली गई 17 साल पहले दी गई सहमति

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेतृत्व वाली नई सरकार ने राज्य में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की एंट्री पर एक तरह से रोक लगा दी है। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने गुरुवार को केंद्र सरकार को पत्र जारी किया है। इससे पहले ऐसा ही कदम आंध्रप्रदेश तथा पश्चिम बंगाल सरकार भी उठा चुकी है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को राज्य में जांच के लिए अब कोई नया प्रकरण नहीं लेने के निर्देश जारी करें। प्रदेश सरकार के गृह विभाग की ओर से इस आशय का पत्र यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से केंद्रीय कार्मिक, जनशिकायत एवं पेंशन मामलों के मंत्रालय तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है।
पत्र में केंद्र सरकार को सूचित किया गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार के गृह विभाग ने वर्ष 2001 में इस बारे में केंद्र को दी गई सहमति वापस ले ली है, जिसके तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सीबीआई को छत्तीसगढ़ में प्रकरणों की जांच के लिए अधिकृत करने की अधिसूचना जारी की गई थी।
देश में गैर भाजपा शासित राज्यों में सबसे पहले आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू ने सीबीआई को राज्य में शक्तियों के इस्तेमाल के लिए दी गई सहमति वापस ले ली थी। इसके बाद ही ये माना गया था कि आंध्रप्रदेश सरकार के इस कदम के बाद राज्य में सीबीआई की एंट्री पर रोक लग गई है। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपने राज्य के लिए यही आदेश जारी किया था।
जहां तक आंध्रप्रदेश का सवाल है, वहां के मुख्यमंत्री ने सीबीआई की एंट्री पर रोक इसलिए लगाई कि राज्य में सीबीआई के दुरूपयोग को रोका जा सके।
बताया गया है कि आंध्र में दिल्ली पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली पुलिस प्रतिष्ठान के सभी सदस्यों को आंध्रप्रदेश राज्य में इस कानून के तहत शक्तियों तथा क्षेत्राधिकार के तहत इस्तेमाल के लिए दी गई आम सहमति वापस ली गई है।
पश्चिम बंगाल में भी यही किया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला तीसरा राज्य है।
Share it
Top