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35 लाख बच्चों के लिए ऐप से स्कूलों में भेजा जाएगा पर्चा, हर बच्चे का बनेगा डाटाबेस, नंबरों की एंट्री आनलाइन

अधिकारियों के मुताबिक पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों की शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत होने वाले रचनात्मक (फारमेटिव) आंकलन और सावधिक (पिरियोडिक) आंकलन के लिए पहली बार ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से प्रश्नपत्र भेजा जाएगा। कुल 35 लाख बच्चों के लिए यह व्यवस्था की जा रही है।

जन सेवा संस्थान में दाखिला प्रक्रिया 16 फरवरी सेजन सेवा संस्थान में प्रवेश 16 से (प्रतीकात्मक फोटो)

बिलासपुर। अब स्कूलों में ऐप के जरिए राज्य स्तरीय प्रश्न पत्र (पर्चा) भेजे जाएंगे। स्कूल स्तर पर ही इनका प्रिंट आउट निकालकर बच्चों के उपलब्धि स्तर को जांचा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों की शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत होने वाले रचनात्मक (फारमेटिव) आंकलन और सावधिक (पिरियोडिक) आंकलन के लिए पहली बार ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से प्रश्नपत्र भेजा जाएगा। कुल 35 लाख बच्चों के लिए यह व्यवस्था की जा रही है।

गौैरतलब है कि राज्य सरकार ने टीम्स टी ऐप कुछ दिन पहले ही लांच किया है। इसकी खासियत यह है कि इसमें प्रदेश के हर शिक्षक को लॉगइन और पासवर्ड दिया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अधिकारियों ने बताया कि इन प्रश्न पत्रों को बनाने के लिए तैयारी की जा रही है। इससे अनावश्यक रूप से प्रश्न पत्र की प्रिंटिंग और फिर उसका परिवहन नहीं करना पड़ेगा और सरकार का खर्चा बचेगा।

14 से शुरू होगा आंकलन, कैलेंडर जारी

एससीईआरटी के मुताबिक इस वर्ष कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों का आंकलन 14 अक्टूबर से शुरू होगा। इसके लिए आकलन कैलेंडर जारी कर दिया गया है। कैलेंडर के अनुसार कक्षा पहली से आठवीं के लिए रचनात्मक (फारमेटिव) आंकलन और सावधिक (पिरियोडिक) आंकलन होगा। साथ ही इस वर्ष कक्षा पहली से नौवीं तक योगात्मक (समेटिव) आंकलन किया जाएगा। कक्षा तीसरी, पांचवीं और आठवीं के लिए स्कूल में तैयारी कार्यक्रम प्रीपेयरेडनेस का भी आंकलन होगा। इसके अलावा रचनात्मक आंकलन के लिए राज्य स्तर से लर्निंग ऑउटकम्स से संरेखित सुझावात्मक गतिविधियों की सूची ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

35 लाख बच्चों का किया जाएगा आंकलन

रचनात्मक (फारमेटिव) एक का आकलन 14 से 19 अक्टूबर तक किया जाएगा और सावधिक एक आंकलन 14 से 19 अक्टूबर तक किया जाएगा। यह आंकलन रचनात्मक, सावधिक और योगात्मक होगा। पहला योगात्मक आंकलन नौ से 14 दिसम्बर तक, रचनात्मक -दो आंकलन तीन से आठ फरवरी 2020 तक, सावधिक-दो आंकलन तीन से आठ फरवरी 2020 तक और समेटिव-दो आंकलन छह से 11 अप्रैल, 2020 तक किया जाना प्रस्तावित है। इसमें 35 लाख बच्चों का आकलन किया जाएगा।

हर बच्चे का बनेगा डाटाबेस, नंबरों की एंट्री आनलाइन

अधिकारियों के मुताबिक इस ऐप की खासियत यह है कि हर बच्चे का डेटाबेस इसमें होगा। बच्चों का आंकलन करन के बाद उनकी प्रगति रिपोर्ट मोबाइल के जरिए ही ऑनलाइन कर दी जाएगी। विषयवार अंकों को एप के जरिए ही डाला जाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल स्टेट लेवल असेसमेंट (एसएलए) करके सभी बच्चों के उपलब्धि स्तर को जांचा गया था। इसमें भी नंबरों की एंट्री मोबाइल एप के जरिए हुई थी। इसे केंद्र सरकार से भी सराहना मिली थी। इसमें हर कॉपी पर एक मूल्यांकन प्रपत्र लगाया गया था। हर बच्चे को रोल नंबर की जगह अलग-अलग आइडी देकर डेटाबेस बनाकर प्राप्त अंकों की ऑनलाइन एंट्री की गई थी।

एप में होगा बच्चों का डाटाबेस

इस ऐप की खासियत यह है कि हर बच्चे का डेटाबेस इसमें होगा। बच्चों का आंकलन करन के बाद उनकी प्रगति रिपोर्ट मोबाइल के जरिए ही ऑनलाइन कर दी जाएगी। विषयवार अंकों को एप के जरिए ही डाला जाएगा।

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