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अब ओपी चौधरी बोले, पीएम सीएम बनने नहीं आया, भाजपा का सिपाही हूँ

रायपुर के पूर्व कलेक्टर से भाजपा नेता बने ओपी चौधरी का कहना है,मैं कोई पीएम या सीएम बनने की भावना लेकर भाजपा में नहीं आया हूं। मैं पार्टी का एक सिपाही मात्र हूं।

अब ओपी चौधरी बोले, पीएम सीएम बनने नहीं आया, भाजपा का सिपाही हूँ

रायपुर के पूर्व कलेक्टर से भाजपा नेता बने ओपी चौधरी का कहना है,मैं कोई पीएम या सीएम बनने की भावना लेकर भाजपा में नहीं आया हूं। मैं पार्टी का एक सिपाही मात्र हूं। पार्टी जैसा आदेश करेगी, वहीं करूंगा। राजनीति में आने का एकमात्र मकसद लोगों से सीधा जुडाव रखने की मानसिकता है। यह काम मंत्रालय में रहकर संभव नहीं था। मैं भाजपा की नीतियों से प्रभावित हूं, इसलिए भाजपा में आने का फैसला किया। मुझे भाजपा ही ऐसी पार्टी लगती है जो देश को आगे ले जा सकती है।

भाजपा में शामिल होने के बाद रायपुर लौटे ओपी चौधरी ने यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, भाजपा की एक ऐसी पार्टी है जिसमें एक पार्षद सीएम की कुर्सी तक और एक चाय बेचने वाला पीए की कुर्सी तक पहुंच जाता है। मैं भाजपा की नीतियों का कायल रहा हूं, यही वजह है कि जब मैंने राजनीति में आने का फैसला किया तो इसके लिए भाजपा ही मुझे उचित पार्टी लगी।

पीएम और सीएम को सराहा

श्री चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सराहना करते हुए कहा, आज इनके नेतृत्व में देश और राज्य का विकास हो रहा है। मैंने अपने 13 साल के आईएएस कैरियर में देखा है, छत्तीसगढ़ में भाजपा के शासनकाल में राजनीतिक तंत्र बहुत अच्छा रहा है। यह बात तय है कि राजनीतिक तंत्र की प्रशासनिक तंत्र को तय करता है।
अगर किसी राज्य में राजनीतिक तंत्र खराब रहता है तो वहां का प्रशासनिक तंत्र भी खराब रहता है। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में जिस तरह से पीडीएस सिस्टम ने बस्तर में नमक के नाम पर होने वाले शोषण से लोगों को मुक्ति दिलाई और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय को जिस तरह से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने साकार किया, उसने मुझे बहुत प्रभावित किया। यही वजह रही है कि मैं भाजपा में आया हूं। भाजपा के लिए समय से काम करने के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए कहा, सफल लोगों पर ही आरोप लगते हैं और उनकी चर्चा होती है।

कोई सौदेबाजी नहीं: कौशिक

पत्रकारा वार्ता में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने एक सवाल के जवाब कहा, श्री चौधरी भाजपा में अपनी स्वेच्छा से आए हैं। इसके लिए किसी तरह की सौदेबाजी नहीं हुई कि न ही उनसे कोई वादा किया गया है कि उनको खरसिया से चुनाव लड़ाया जाएगा। एक कलेक्टर किसी पार्टी में महज विधायक बनने के लिए कभी नहीं शामिल होगा।
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