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आयकर विभाग ने 32,000 लोगों को भेजा नोटिस, फिर से खोला गया 9 साल पुराना केस

आयकर विभाग ने छत्तीसगढ़ के 32 हजार लोगों को उनके प्रकरण को री-ओपन करने के तहत नोटिस भेज दिया है। यह नोटिस धारा 148 के तहत भेजा गया है। नोटिस पाकर लोगों में हड़कंप की स्थिति है।

आयकर विभाग ने 32,000 लोगों को भेजा नोटिस, फिर से खोला गया 9 साल पुराना केस

आयकर विभाग ने छत्तीसगढ़ के 32 हजार लोगों को उनके प्रकरण को री-ओपन करने के तहत नोटिस भेज दिया है। यह नोटिस धारा 148 के तहत भेजा गया है। नोटिस पाकर लोगों में हड़कंप की स्थिति है। किसानों तक को नोटिस भेजकर उनके प्रकरण री-ओपन किए जाने की बात कही गई है, जबकि वे इसके लिए किसी तरह दोषी नहीं हैं। इस मामले को लेकर उन लोगों के बीच नाराजगी है, जिन्हें नोटिस मिला है।

बताया गया है कि यह नोटिस सन‍् 2010-11 और 2011-12 के लिए है। सबसे अधिक भिलाई-दुर्ग के 5500 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इंकम टैक्स विभाग द्वारा जिस पीरियड के लिए नोटिस जारी हुए हैं, उस पीरियड में रिटर्न फाइल करने का प्रावधान ही नहीं था, क्योंकि ढाई लाख से कम आय वालों को रिटर्न फाइल की जरूरत नहीं पड़ती थी। इनमें अधिकतर भिलाई इस्पात संयंत्र से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। जिनके पास रिटायरमेंट का पैसा था, जिन्होंने अपने निजी पैसे को अलग-अलग फंड में इनवेस्ट किया था।
यही नहीं, बहुत सारे किसानों को भी नोटिस जारी कर दिया गया है, जिन्होंने अपनी खेती से होने वाली आय को नकद में जमा किया था, जबकि खेती से होने वाली आयकर योग नहीं होती।
बताया जाता है कि प्रिंसिपल कमिश्नर इंकम टैक्स ने एक-एक केस देखकर पूरी की पूरी सूची को री-ओपन के लिए जारी कर दिया। इसकी वजह से ही ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। बगैर दायरे में आने के बावजूद इंकम टैक्स द्वारा जारी किए गए नोटिस को लेकर लोगों में आक्रोश भी व्याप्त है।
आयकर विभाग के सूत्रों की मानें, तो विभाग के पास ऊपर से यानी दिल्ली से सूचना प्राप्त हुई कि किसी भी व्यक्ति ने 2 लाख से अधिक जमा किया है या फिर म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपाजिट, इंश्योरेंस, बांड सहित डिबेंचर में रुपए जमा किए हैं, ऐसे लोगों की फाइल री-ओपन की जाए। इसके लिए चीफ कमिश्नर इंकम टैक्स के पास फाइल पहुंची। उनके द्वारा सन‍् 2010-11 और 2011-12 के दरम्यान रिटर्न फाइल नहीं करने वालों की सूची निकाल दी।
बताया जाता है कि पूरे छत्तीसगढ़ से 32 हजार लोगों की सूची तैयार की गई। इसमें अधिकतर किसान शामिल हैं, जो इंकम टैक्स के दायरे में आते ही नहीं। खास यह है कि इंकम टैक्स विभाग द्वारा सभी नोटिस को ऑनलाइन जारी किया गया है। पहले तो गलत तरीके से नोटिस को जारी किया गया, इसके बाद 31 दिसंबर अंतिम तारीख केस सेटलमेंट के लिए तय कर दी गई है।
इस समयावधि में इनकम टैक्स विभाग काे जवाब नहीं देने वालों के खिलाफ धारा 144 के तहत एकतरफा एक्स पार्टी ऑर्डर किया जा रहा है। हजारों की संख्या में एक्स पार्टी ऑर्डर जारी कर दिए जाएंगे, क्योंकि इंकम टैक्स विभाग द्वारा ऑनलाइन जारी किए गए नोटिस की जानकारी तक लोगों को नहीं है। यही नहीं, उन्हें एक्स पार्टी बनाए जाने की सूचना भी नहीं मिल पा रही है।
...तो बैंक अकाउंट अटैच कर लिए जाएंगे
इंकम टैक्स विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब नहीं देने की स्थिति में सभी लोगों के बैंक खाते अटैच कर लिए जाएंगे। इसके बाद उनके खातों में जमा राशि इनकम टैक्स विभाग के अकाउंट में चली जाएगी। ऐसी स्थिति में हजारों की संख्या में लोग एक्स पार्टी हो जाएंगे। जिनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई इनकम टैक्स विभाग करेगा। अकाउंट अटैच होने के बाद खातेदार अपने खाते से किसी तरह का लेन-देन नहीं कर पाएगा।
यह है ऑप्शन
इंकम टैक्स विभाग द्वारा जारी री-ओपन केस का जवाब देने 30 दिन के अंदर कमिश्नर (अपील) के पास जाकर अपना पक्ष रख सकता है, लेकिन यहां ऑनलाइन नोटिस जारी होने के कारण लोगों को न ही नोटिस मिला है, न ही एक्स पार्टी की कोई जानकारी मिली। ऐसी हालत में उनके समक्ष कोई भी विकल्प नहीं है।
कानूनी तौर पर गलत है नोटिस
इंकम टैक्स विभाग से जुड़े लोग ही मानते हैं कि सरकार ने ऐसे हजारों लोगों को नोटिस जारी कर दिया है, जिनकी किसी तरह की देनदारी ही नहीं बनती। जब देनदारी नहीं बनती, तो वे इसके लिए जिम्मेदार ही नहीं हैं। यह देश के कानून के खिलाफ किया गया कृत्य माना जाता है।
मृत कर्मचारी को जारी किया नोटिस
आयकर विभाग ने भिलाई इस्पात संयंत्र से रिटायर होने के बाद स्वर्गवासी हो चुके कर्मचारी हनुमान प्रसाद टिकरिहा को भी नोटिस जारी कर दिया है। इसी तरह से 86 वर्षीय परगन सिंह को नोटिस थमा दी गई है, जो 20-25 साल पहले ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। उनका किसी बैंक में एफडी था, जिसके परिपक्व होने पर उन्होंने दूसरे बैंक में 4 लाख रुपए जमा कर दिए।
यहां ब्याज की दर ज्यादा थी, उन्हें भी एक्स पार्टी ऑर्डर जारी कर दिया है। उन्हें 4 लाख 59 हजार का डिमांड निकालकर भेज दिया है। इसी तरह एक किसान ने अपने जमीन बेची थी। उसके एवज में उसे 24 लाख रुपए मिले थे। किसान को भी नोटिस जारी कर दी गई है।
इस तरह की जानकारी मांग रहा है विभाग
इनकम टैक्स विभाग खेती करने वाले किसानों से खरीदे गए बीज, खाद और बेची गई फसल के रसीद मांग रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि किसे फसल बेचा है, उससे एनओसी लाकर दें। इसके अलावा खेतों में काम करने वाले मजदूरों को किए गए भुगतान का वाउचर भी प्रस्तुत करने कहा जा रहा है। जिनके द्वारा वाउचर प्रस्तुत नहीं किया जा रहा, उन्हें डिमांड नोट भेजा जा रहा है।
10 लाख का लेन-देन करने वालों को
रायपुर के सीए चेतन तारवानी ने कहा है कि उनकी जानकारी में ये बात है कि बड़ी संख्या में लोगों को धारा 148 के तहत नोटिस दिए गए हैं, लेकिन ये साफ नहीं है कि नोटिस पाने वालों की संख्या कितनी है। ये नोटिस उन लोगों को दिया गया है, जिन्होंने 10 लाख या उससे अधिक का लेन-देन किया है। उन्हें रिटर्न फाइल करना था, लेकिन नहीं किया। अब 31 दिसंबर तक का समय है। पूर्व में नया रायपुर (अब अटल नगर) के हजारों किसानों को इसी तरह नोटिस दिए गए थे।
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