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छत्तीसगढ़ बजट 2019: बजट पेश होने से पहले प्रदेश की जनता को लगा झटका, ठंडे बस्ते में हाउस टैक्स पर 50 फीसदी छूट

प्रदेश में नई सरकार द्वारा आम जनता को हाउस टैक्स में 50 फीसदी छूट की घोषणा ठंडे बस्ते में चली गई है। एक तरफ जीआईएस सर्वे को लेकर कर निर्धारण में खामियों में जहां शहरवासी परेशान हैं,

छत्तीसगढ़ बजट 2019: बजट पेश होने से पहले प्रदेश की जनता को लगा झटका, ठंडे बस्ते में हाउस टैक्स पर 50 फीसदी छूट

रायपुर: प्रदेश में नई सरकार द्वारा आम जनता को हाउस टैक्स में 50 फीसदी छूट की घोषणा ठंडे बस्ते में चली गई है। एक तरफ जीआईएस सर्वे को लेकर कर निर्धारण में खामियों में जहां शहरवासी परेशान हैं, वहीं अब तक प्रापर्टी टैक्स में छूट को लेकर नगर निगम में किसी तरह का स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से लोग टैक्स पटाने को लेकर उहापोह की स्थिति में हैं। ऐसे में 1 अप्रैल से पहले प्रापर्टी टैक्स में 50 फीसदी छूट की घोषणा को धरातल पर उतारने को लेकर संशय है। इसके कारण इस बार जनवरी तक नगर निगम का राजस्व अमला 130 करोड़ की सालाना राजस्व वसूली के टारगेट का मात्र 30 फीसदी ही वसूल पाया है।

दरअसल, संपत्ति कर में 50 फीसदी छूट की घोषणा को लागू करने के मामले में अभी तक शासनस्तर पर गठित कमेटी शुरुआती प्रक्रिया से ही उबर नहीं पाई, जबकि अलग-अलग विभागों के सदस्यों की समिति को ये देखना है कि प्रापर्टी टैक्स में 50 फीसदी छूट देने पर इसकी भरपाई किस तरह और कहां से हो पाएगी। इसके बाद दावा आपत्ति मंगाने से लेकर उसके निराकरण और वित्त विभाग से सहमति लेने में समय लगेगा। महापौर प्रमोद दुबे का कहना है, कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में प्रापर्टी टैक्स में 50 फीसदी छूट की घोषणा शामिल है। इसे अमल में लाया जाएगा । इसके लिए शासनस्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कमेटी बनी है, लेकिन अभी ये प्रोसेस में है। समिति की रिपोर्ट आने से लेकर दावा-आपत्ति मंगाने, निराकरण और वित्त विभाग से सहमति में समय तो लगेगा। ऐसे में अभी इस सत्र में जीआईएस सर्वे के आधार पर नगर निगम शहरवासियेां से संपत्ति कर लेगा।
फार्मूला तलाशेगी चार सदस्यीय समिति
प्रापर्टी टैक्स में 50 फीसदी छूट की घोषणा को अमल में लाने के लिए शासनस्तर पर बनाई गई कमेटी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ नगरीय प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, विधि विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये पूरे प्रदेश के लिए प्रापर्टी टैक्स में 50 फीसदी छूट के लिए एक ही तरह का फार्मूला तलाशेंगे। वर्कआउट में समय लगेगा। समिति के सदस्य इस बात पर भी गौर करेंगे, प्रदेशवासियों को संपत्ति कर में 50 फीसदी की छूट देने पर शासन पर कितना आर्थिक भार आएगा। इसके बाद इस आर्थिक भार की भरपाई किस तरह की जा सकती है, इसकी संभावना तलाशी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक चूंकि जनता के प्रापर्टी टैक्स से जुड़ा मामला है, इसलिए आवासीय क्षेत्र में किसी तरह की टैक्स बढ़ोतरी का सवाल नहीं है।
गलती सुधारे बगैर ठेका कंपनी को कर दिया भुगतान
पूर्ववर्ती सरकार में प्रदेशभर के नगरीय निकायों में राजस्व बढ़ाने को लेकर पहली बार कराए गए जीआईएस सर्वे को लेकर रायपुर नगर निगम के आठ जोन में 10 हजार आवेदकों ने अनाप-शनाप प्रापर्टी टैक्स लगाने, मकान मालिक के नाम में त्रुटि से लेकर किराना दुकान, कंप्यूटर सेंटर, टाइपिंग दुकान में लगाए गए नल कनेक्शन को व्यावसायिक बताकर प्रापर्टी टैक्स दोगना लगाने की शिकायत जोन में दर्ज कराई है। अनुबंध के हिसाब से त्रुटियों को सुधारनेे, करदाताताओं तक डिमांड नोट बांटने का काम किए बगैर नगर निगम के अफसरों ने ठेका कंपनी को 2 करोड़ का भुगतान कर दिया है। अब जीआईएस सर्वे की त्रुटि सुधारने नगर निगम के कर्मचारी माथापच्ची करने में जुटे हैं।
नहीं बंट पाए डिमांड नोट
2017-18 की राजस्व वसूली को लेकर अभी तक 70 वार्डों में जीआईएस सर्वे के बाद प्रापर्टी टैक्स के डिमांड नोट 70 फीसदी लोगों तक नहीं पहुंच पाए। इसके कारण नगर निगम की राजस्व वसूूली 130 करोड़ के टारगेट की तुलना में मात्र 40 करोड़ ही हुई।
वर्कआउट में लगेगा समय
रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे ने बताया कि पार्टी के घोषणापत्र में 50 फीसदी प्रापर्टी टैक्स में छूट देने की घोषणा शामिल है, इसलिए शहरवासियों को इसका लाभ मिलेगा। अभी ये प्रोसेेस में है। शासनस्तर पर बनाई गई समिति इसका आकलन कर रही है, वर्कआउट में समय लगेगा, इसलिए 31 मार्च तक जीआईएस सर्वे के आधार पर करदाताओं से प्रापर्टी टैक्स लिया जा रहा है।
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