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सवा लाख से अधिक मजदूर रखे जाएंगे कैंपों में, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन

आने वाले मजदूरों को 14 दिनों तक एक बंद परिसर में ऐसे रखा जाएगा कि वे बाहर के किसी व्यक्ति को छू भी नहीं पाएंगे। पढ़िए पूरी खबर-

सवा लाख से अधिक मजदूर रखे जाएंगे कैंपों में, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन
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रायपुर। कोरोना संकटकाल में देश के कई राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की राज्य में वापसी का सिलसिला शुरू होने वाला है। वापसी के बाद इन श्रमिकों को राज्य में सुरक्षित रखने के साथ सरकार की कोशिश होगी कि किसी भी संक्रमित मजदूर से प्रदेश के लोगों को संक्रमण न फैले। ऐसा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार कर गाइडलाइन जारी की है। आने वाले मजदूरों को 14 दिनों तक एक बंद परिसर में ऐसे रखा जाएगा कि वे बाहर के किसी व्यक्ति को छू भी नहीं पाएंगे। किसी भी तरीके से उन्हें अन्य लोगों के संपर्क में आने से हर हाल में रोका जाएगा।

राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने क्वारेंटाइन सेंटर एवं मजदूरों के कैंप के लिए दिशा निर्देश तैयार किए हैं। प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों को राज्य में जहां कहीं भी रखा जाएगा, वहां इन निर्देशों का पालन करना व करवाना अनिवार्य किया गया है। छत्तीसगढ़ के सवा लाख से अधिक श्रमिक देश के कई राज्यों से यहां आने वाले हैं। पहले तो इन्हें लाने की तैयारी की गई। अब आने का सिलसिला शुरू होने के साथ ही इन्हें रखने के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। क्वारेंटाइन में रखे जाने के दौरान कई सावधानियां बरतने के लिए गाइडलाइन तैयार की गई है।

बंद परिसरों में अलग-अलग खंड में रखे जाएंगे

प्रवासी श्रमिकों के हर समूह को एक बंद परिसर में अलग-अलग खंडों में रखे जाने की व्यवस्था होगी। पूरे समय उनकी निगरानी होती रहेगा। कैंप में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। मजदूरों के नहाने तथा शौचालय के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। यथा संभव इनके लिए बायोडिग्रेडेबल शौचालय के इस्तेमाल की व्यवस्था होगी।

सार्वजनिक तालाब, जल स्रोतों से रखेंगे दूर

श्रमिको को किसी भी हालत में निस्तारी के लिए तालाब एवं सार्वजनिक जल स्रोतों का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। नहाने के लिए कैंप में ही व्यवस्था की जाएगी। वहां भी इन्हें स्नानागार में ही नहाना होगा। भोजन के समय भी श्रमिकों को एक दूसरे से दो गज दूर होकर बैठना होगा। इन लोगों को भोजन एवं पानी भी डिस्पोजेबल पत्तल तथा गिलास में देना होगा। भोजन के बाद इनके द्वारा उपयोग की गई सामाग्रियों को डिप वरियल की पद्धति से निष्पादन किया जाना होगा।

14 दिनों तक किसी से संपर्क नहीं

श्रमिकों को आते ही 14 दिनों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। इस दौरान कोई भी व्यक्ति कैंप से बाहर नहीं जा सकेगा। यही नहीं, बाहरी व्यक्ति भी किसी हाल में कैंप में प्रवेश नहीं करेगा। कंटेनमेंट क्षेत्र में किसी प्रकार की सामाजिक,सार्वजनिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी। क्वारेंटाइन सेंटर, कैंप में भोजन के लिए अलग हेडओवर जोन का चिन्हांकन किया जाएगा। सीधे किसी के हाथ में भोजन या पानी नहीं दिया जाएगा।

कैंप में सेवा करने वाले भी अनावश्यक नहीं मिल सकेंगे

क्वारेंटाइन सेंटर में सेवा देने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जानकारी दी जाएगी कि कैंप में रहने वाला व्यक्ति संदिग्ध है,संक्रमित हो सकता है इसलिए अनावश्यक रूप से इनसे मुलाकात न करें व विशेष सावधानी का ध्यान रखें। मजदूरों को लाने-ले जाने वाले वाहनों के ड्रायवर,खलासी को भी मास्क,फेसकवर और ग्लोब्स पहनना अनिवार्य होगा। यही नहीं मजदूरों को लेकर वाहन जब कैंप में जाएंगे तो वहां खाने के सामान व अन्य सामाग्री को उठाने या खाली करने के लिए श्रमिकों से काम नहीं लिया जाएगा।

सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट आने तक रुकना होगा

कैंप में रहने वाले किसी श्रमिक को यदि सर्दी खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हो, तो उन्हें तत्काल आईसोलेशन सेंटर में भेजा जाएगा। यदि किसी श्रमिक का सैंपल लिया गया, तो टेस्ट की रिपोर्ट आने तक उसे डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। कैंप में पूरे समय राजस्व विभाग, पुलिस व अन्य विभागों के लोगों की निगरानी बनी रहेगी।

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