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छत्तीसगढ़ में मुख्ममंत्री पद की रेसः दावेदारों की लंबी कतार, सभी वर्ग को संतुष्ट करना होगा चुनौती

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के लिए मुख्यमंत्री समेत 13 की संख्या निर्धारित है। नए मुख्यमंत्री के लिए यह बहुत चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि कांग्रेस में कई दिग्गज और पुराने चेहरे हैं। कुछ भारी मतों से चुनाव जीतकर आए हैं।

छत्तीसगढ़ में मुख्ममंत्री पद की रेसः दावेदारों की लंबी कतार, सभी वर्ग को संतुष्ट करना होगा चुनौती

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के लिए मुख्यमंत्री समेत 13 की संख्या निर्धारित है। नए मुख्यमंत्री के लिए यह बहुत चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि कांग्रेस में कई दिग्गज और पुराने चेहरे हैं। कुछ भारी मतों से चुनाव जीतकर आए हैं।

मंत्रिमंडल में जातिगत समीकरण, लोकसभा, संभाग और जिलों को भी संतुलन करने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे में संतुलन बनाना बहुत ही मुश्किल होगा।

कांग्रेस के चार दिग्गज मुख्यमंत्री की दौड़ में है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत तथा दुर्ग सांसद ताम्रध्वज साहू का नाम शामिल है। ऐसे में किसी के नाम पर मुहर लगते ही ये तीनों का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। अन्य पिछड़ा वर्ग से प्रमुख नामों में धनेंद्र साहू व उमेश पटेल का नाम है।
इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति वर्ग से रामपुकार सिंह, कवासी लखमा एवं अमरजीत भगत का नाम प्रमुख है। महिला में अनिला भेड़िया का नाम चल रहा है।
अल्पसंख्यक से मोहम्मद अकबर का नाम प्रमुख है। अनुसूचित जातिवर्ग से रूद्र गुरु, डॉ. शिवकुमार डहरिया तथा चंद्रदेव राय का नाम प्रमुख है। इसी प्रकार सामान्य वर्ग से अमितेश शुक्ला, सत्यनारायण शर्मा, रवींद्र चौबे व अरुण वोरा का नाम है।
इन सभी नामों में साहू समाज, समनामी समाज, अघरिया समाज, ब्राह्मण समाज, कुर्मी समाज समेत संभाग, संसदीय क्षेत्र और जिलों का भी संतुलन देखा जाएगा।
अब दावेदारों की संख्या पर नजर डालें, तो दिग्गज दावेदारों की संख्या 18-19 मानी जा रही है। इनमें से ही किसी एक को विधानसभा अध्यक्ष और एक को उपाध्यक्ष पद देकर संतुष्ट कराया जाएगा।
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