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लोकसभा चुनाव 2019 : कांग्रेस में बढ़ी किचकिच, महासमुंद से अब अग्नि नहीं धनेंद्र, दुर्ग से प्रतिमा

लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी का नाम तय करने के अंतिम दौर में कांग्रेसी खेमे में सुबह जद्दोजहद शुरू हुई, लेकिन शाम होने तक खींचतान के बाद मामला किचकिच में बदल गया।

लोकसभा चुनाव 2019  : कांग्रेस में बढ़ी किचकिच, महासमुंद से अब अग्नि नहीं धनेंद्र, दुर्ग से प्रतिमा
लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी का नाम तय करने के अंतिम दौर में कांग्रेसी खेमे में सुबह जद्दोजहद शुरू हुई, लेकिन शाम होने तक खींचतान के बाद मामला किचकिच में बदल गया। इस बीच अब तक महासमुंद सीट से दावेदार के रूप में सबसे आगे चल रहे अग्नि चंद्राकर पिछड़े, उनके आगे अब विधायक धनेंद्र साहू का नाम प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आ गया है।
इसी तरह दुर्ग से प्रतिमा चंद्राकर का नाम भी इसी अंदाज में आगे आ गया, इससे पहले यहां से राजेंद्र साहू का नाम चर्चा में था। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार अघोषित छह सीटों में नामों को लेकर अभी भी खींचतान जारी है। छत्तीसगढ़ में 11 सीटों में कांग्रेस नेे पांच सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
इन नामों को तय करने से अधिक मशक्कत पार्टी को बची छह सीटों के लिए करनी पड़ रही है। इस बीच अलग-अलग सीटों के लिए नाम तय करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। महासमुंद सीट के लिए अब तक दावेदारी में पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर का नाम चल रहा था, लेकिन मंगलवार सुबह से शाम होने तक दावेदारी की कहानी इस तरह बदली कि अग्नि की दावेदारी मंद पड़ गई। उनके स्थान पर अभनपुर के विधायक धनेंद्र साहू का नाम प्रमुख दावेदार के के रूप में सामने आया है।
धनेंद्र नहीं थे दावेदार, पार्टी ने नाम बढ़ाया
विधायक धनेंद्र साहू के बारे में उनके करीबियों का मानना है कि श्री साहू ने अपनी ओर से लोकसभा की किसी भी सीट के लिए दावेदारी नहीं की थी। दरअसल कांग्रेस सरकार बनने के बाद वे इस उम्मीद में थे कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा, लेकिन मंत्री न बनाए जाने से उनके सर्मथकों को निराशा हुई। इस बीच लोकसभा के लिए जब नाम तय होने की बारी आई, तो भी श्री साहू खामोश बैठे थे। सूत्रों के अनुसार श्री साहू को महासमुंद का दावेदार अथवा प्रत्याशी बनाने के लिए उनका नाम पार्टी संगठन ने आगे बढ़ाया। इसके बाद श्री साहू ने अपने करीबियों से ये भी कहा कि उन्होंने अपनी ओर से दावेदारी नहीं की है, लेकिन अगर पार्टी का आदेश होगा, तो वे महासमुंद लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। महासमुंद सीट ओबीसी बहुल है। यहां साहू मतदाता निर्णायक एवं प्रभावी हैं। धनेंद्र साहू के बारे में माना जाता है कि वे सीधे सरल तथा ग्रामीण परिवेश के किसान पृष्ठभूमि के नेता हैं। लिहाजा महासमुंद के लिए उन्हें योग्य व जीतने वाला प्रत्याशी माना जा रहा है।
दुर्ग-ताम्रध्वज के गढ़ में प्रतिमा
इधर दुर्ग लोकसभा सीट के लिए पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर का नाम प्रमुखता से सामने आया है। बताया गया है कि यहां से अब तक राजेंद्र साहू की दावेदारी पुख्ता मानी जा रही थी। उन्हें ताम्रध्वज साहू गुट का विरोधी भी माना जाता है। प्रतिमा चंद्राकर को विधानसभा चुनाव में दुर्ग ग्रामीण से टिकट मिला था, लेकिन बाद में यहां से सांसद ताम्रध्वज साहू को प्रत्याशी बना दिया गया था। अब इस सीट से श्री साहू अपने पुत्र जितेंद्र साहू को टिकट दिलाना चाहते हैं, लेकिन वे बेटे के लिए खुलकर बोल नहीं पा रहे हैं। जहां तक प्रतिमा का सवाल है, वे अविभाजित दुर्ग जिले के बड़े कांग्रेस नेता रहे वासुदेव चंद्राकर की बेटी हैं। पहले भी दो बार विधायक रह चुकी हैं। उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है। ऐसे में संभावना है कि उन्हें टिकट दिया जा सकता है।
बाकी चार सीटों पर भी खींचतान
इन सीटों के अलावा राजनांदगांव से भोलाराम साहू का नाम तय माना जा रहा है। रायपुर से प्रमोद दुबे, किरणमयी नायक, गिरीश देवांगन सहित कुछ अन्य नाम हैं, लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी है। बिलासपुर से अटल श्रीवास्तव, कोरबा से डॉ. ज्योत्सना महंत के नाम तय माने जा रहे हैं।
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