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हरिभूमि एक्सक्लूसिव: लोकसभा चुनाव 2019 से पहले भूपेश सरकार किसानों को दे सकती है एक और तोहफा, पेंशन के लिए बन रही सूची

लोकसभा चुनाव 2019 के ठीक पहले छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल की सरकार किसानों को बड़ा तोहफा दे सकती है। कांग्रेस के घोषणापत्र के अनुसार 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन देने की तैयारी चल रही है।

हरिभूमि एक्सक्लूसिव: लोकसभा चुनाव 2019 से पहले भूपेश सरकार किसानों को दे सकती है एक और तोहफा, पेंशन के लिए बन रही सूची

लोकसभा चुनाव 2019 के ठीक पहले छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल की सरकार किसानों को बड़ा तोहफा दे सकती है। कांग्रेस के घोषणापत्र के अनुसार 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन देने की तैयारी चल रही है। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव, कृषि विस्तार अधिकारी एवं पटवारी युद्धस्तर पर पटवारियों की सूची बना रहे हैं।

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में किसानों के संबंध में कई महत्वपूर्ण मांगों को शामिल किया था। इसमें धान का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2500 रुपए, 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस, बिजली बिल हॉफ और किसानों का कर्जा माफी के साथ किसानों को पेंशन देने की बात कही थी। इसमें 60 से 74 वर्ष उम्र के किसानों को प्रतिमाह एक हजार तथा 74 वर्ष से अधिक उम्र केे किसानों को 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन शामिल है।

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सत्ता में आते ही कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ कर दिया। 2500 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी शुरू हो गई। अतिरिक्त राशि किसानों को बाद में मिलेगी। बिजली बिल हाफ के आदेश जारी हो गए हैं। अब किसानों को पेंशन देने के लिए किसानों की सूची बनाई जा रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायतस्तर पर सूचीबद्ध करने के बाद अपने क्षेत्रीय एसडीएम के पास जमा करना है।

ये कर रहे सर्वे

शासन के आदेशानुसार इस कार्य के लिए तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। संबंधित ग्राम पंचायत के पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी और ग्राम पंचायत के सचिव शामिल हैं। सरकार ने इसे प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द सूचीबद्ध करने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व यानी एसडीएम के पास जमा करने कहा है।

इसे करना है सूचीबद्ध

किसानों की सूची में उनका नाम, आधारकार्ड और उनके बैंक खाते का नंबर लिखना है। इसके साथ उनके पास कितनी कृषि भूमि है, इसकी जानकारी देनी है। कृषिभूमि में कितना सिंचित और कितना असंचित है, यह जानकारी भी सूची में शामिल करना है। इसी प्रकार किसान की कृषि के अलावा अतिरिक्त आय की भी जानकारी सरकार को भेजनी है। किसानों के नामों को उम्र के आधार पर भी वर्गीकृत करना है। इसमें पहला वर्ग 60 से 74 वर्ष आयु वर्ग का होगा और दूसरा 74 वर्ष से अधिक आयु वर्ग का होगा।

पात्रता का मापदंड स्पष्ट नहीं

शासन के आदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि इस जानकारी को कब तक भेजना है, लेकिन उच्च अधिकारियों के मौखिक आदेशानुसार इसे जल्द से जल्द भेजना है। कुछ जगहों पर सूची बनकर तैयार है। कुछ जगहों पर भेजने की तैयारी है। शासन के आदेश में यह भी स्पष्ट नहीं है कि कौन से किसान पेंशन के लिए पात्र हैं और कौन से किसान अपात्र हैं। फिलहाल जानकारी भेजने कहा गया है।

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