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लोकसभा चुनाव 2019 छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा में मौजूदा सरकार से लोग नाराज़, दूसरी कोई उम्मीद नहीं...

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) की घोषणा के बाद बस्तर (Bastar) की सीट, जहां पहले चरण में 11 अप्रैल को वोटिंग होगी, वहां हरिभूमि और आईएनएच के संयुक्त तत्वावधान में वोट यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा बुधवार को दंतेवाड़ा पहुंची। जहां मौजूदा विधायक भीमा मंडावी, पूर्व विधायक देवती कर्मा, सीपीआई के श्री बख्शी ने अपनी अपनी बातें रखीं और मौजूद लोगों के सवालों का जवाब दिया। लोकसभा 2019 को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

लोकसभा चुनाव 2019 छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा में मौजूदा सरकार से लोग नाराज़, दूसरी कोई उम्मीद नहीं...

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) की घोषणा के बाद बस्तर (Bastar) की सीट, जहां पहले चरण में 11 अप्रैल को वोटिंग होगी, वहां हरिभूमि और आईएनएच के संयुक्त तत्वावधान में वोट यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

यह यात्रा बुधवार को दंतेवाड़ा पहुंची। जहां मौजूदा विधायक भीमा मंडावी, पूर्व विधायक देवती कर्मा, सीपीआई के श्री बख्शी ने अपनी अपनी बातें रखीं और मौजूद लोगों के सवालों का जवाब दिया। लोकसभा 2019 को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

इसमें मुख्य वक्ता के रूप में विधायक भीमा मंडावी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विमल सुराना, आदिवासी महासभा से चितरंजन बख्शी रहे। जिले के स्थानीय मुद्दे लोहा गांव का मसला, लाल पानी, स्थानीय बेरोजगारी समस्या हावी रही।

भाजपा के 15 वर्षों के कार्यकाल में लालपानी और बेरोजगारी समस्या को लेकर विधायक भीमा मंडावी पर सवाल दागे गए। आइए जानते हैं किसने क्या कहा भीमा ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में दंतेवाड़ा से धुरली में पाईप लाईन बिछाने का कार्य जारी है बहुत जल्द शुद्ध पेयजल मिलेगा।

राजनीतिक पार्टी के लोग आपस में उलझते नजर आए। इस बीच मंचासीन की बातों को अनसुनी की गई। वहीं एनएमडीसी के खदान को अडानी कंपनी को दिए जाने के सवाल पर विधायक भीमा मंडावी ने कहा इस मुद्दे के साथ मैं आदिवासी भाइयों एवं स्थानीय लोगों के साथ हूं।

पूर्व विधायक देवती कर्मा ने भाजपा विधायक भीमा मंडावी और रमन सरकार पर कई आरोप लगाए। कांग्रेस नेता राजकुमार तामो ने वर्तमान सांसद दिनेश कश्यप को निष्क्रिय बताया। उन्होंने कहा कि सांसद रहने के बावजूद वे कभी कभार दंतेवाड़ा आते रहे और कभी भी जिले की समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रयास नहीं किया।

वहीं भाजपा नेताओं ने कर्मा परिवार पर यह आरोप लगाया कि सांसद रहने के दौरान स्व. महेन्द्र कर्मा ने जिले की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास नहीं किया वरना आज बेरोजगारी की समस्या और लालपानी की समस्या सुलझ जाती।

जनता के साथ सीपीआई

आदिवासी महासभा एवं सीपीआई के वरिष्ठ नेता चितरंजन बख्शी ने कहा कि हमारी पार्टी जल, जंगल, जमीन के लिए हमेशा आवाज उठाती रही। लेकिन सत्ता में बैठे भाजपा-कांग्रेस के लोगों ने दंतेवाड़ा जिले के समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। लोकसभा चुनाव में हमारी पार्टी हमेशा की तरह प्रत्याशी खड़ा करेगी और जनहित के मुद्दों को हमेशा की तरह सड़क से सदन तक बुलंद किया जाएगा।

अपने दम पर जाती हूं अंदर गांव

देवती कर्मा ने कहा कि लोहागांव जहां नक्सलियों का प्रभाव है वहां की समस्या को जानने के लिए मैंने कई बार प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा का नाम लेकर प्रशासन के द्वारा मुझे अंदर गांव जाने की अनुमति नहीं दी गई। मैं अपने दम पर जोखिम उठाकर विधायक रहते हुए 5 साल में जहां-जहां जनता की समस्या नजर आई वहां पहुंची।

आपस में ही लड़ते रहे नेता

जिले की समस्याओं और लोकसभा चुनाव के मुद्दों पर जनता की ओर से जब सवाल किया जाता रहा उस दौरान भी डायस पर मौजूद नेता विमल सुराना और भीमा मंडावी लोगों की बात सुनने की बजाए अपनी बात कहते रहे।

इस दौरान बार-बार उन्हें यह बताया गया कि पहले की जनता की बात सुन लोग उसके बाद अपनी बात रखो। इस तरह ज्यादातर समय आपस में ही नेता उलझते रहे और एक दूसरे पार्टी पर आरोप लगाते रहे।

सीपीआई का स्थानीय नेता नहीं

भाजपा विधायक भीमा मंडावी ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में सीपीआई के लोग अपनी जनाधार की बात कहते हैं। लेकिन आज के इस कार्यक्रम में स्थानीय कोई नेता नहीं मिला इसलिए रायपुर से बख्शी जी को बुलाना पड़ा।

सीपीआई के लोग केवल लालपानी का हल्ला बोलते रहे, लेकिन कभी भी समस्या के निदान में ठोस पहल नहीं किया। उन्होंने पूर्व विधायक देवती कर्मा पर आरोप लगाते कहा कि 5 साल तक वो विधायक रही लेकिन विकास का कोई भी काम नहीं कराया।

जितने भी काम हुए हैं मेरे विधायक रहते हुए और रमन सरकार ने 15 साल में विकास का काम कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। सभी ने अपने प्रतिनिधियों से अपने अपने सवाल पूछे।

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