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लॉकडाउन : विपदा की इस घड़ी में जरूरतमंदों के लिए 'फरिश्ता' हैं ये संवेदनशील चेहरे

रायपुर स्मार्ट सिटी वालंटियर्स सुबह से शुरू करेंगे फूड पैकेजिंग, पढ़िए पूरी खबर-

लॉकडाउन : विपदा की इस घड़ी में जरूरतमंदों के लिए

रायपुर। कोरोना वायरस की विपदा की इस घड़ी में जरुरतमंदों की मदद करने वाले मददगार हाथ लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान किसी को खाने पीने जैसी जरूरी चीजों के लिए तकलीफ ना उठाना पड़े, इसके लिए कई सामाजिक संस्थाएं और संवेदनशील लोग सक्रिय हो गए हैं। कुछ तो ऐसे भी हैं, जो व्यक्तिगत रूप से रूचि लेकर अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने इसकी शुरुआत एक पोस्टर से की थी। पोस्टर के जरिए उन्होंने अपील की कि लॉकडाउन के दौरान अगर किसी को भोजन की जरूरत पड़ी, तो वे उनसे संपर्क कर सकते हैं। ऐसी शुरुआत उन्होंने शहरी क्षेत्रों में की और अब आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी जरूरतमंदों को न केवल खाने पीने के सामने दे रहे हैं, बल्कि साथ में मास्क और सेनेटाइजर आदि भी वितरण कर रहे हैं।

इसी तरह, चंगाेराभाठा के गोल्डन गली में रहने वाले फिरोज चिश्ती और गोल्डन साहू अपने घर पर खाने का पैकेट बनाकर अस्पतालों के आसपास जरूरतमंदों को बांट रहे हैं। कलाकार और मूर्तिकार विनोद पांडा धामेजानी भी राशन के सामान और दूसरी जरूरी चीजें अपने साथियों के साथ बांट रहे हैं।



इस मुश्किल घड़ी में संवेदनशील हस्ती गुरुचरण सिंह होरा, संस्थान आशा की किरण से दुल्हन साड़ी सेंटर के संचालक किशोर खेत्रपाल और निर्मल खेत्रपाल, स्वयंसेवी संस्था आशाएं के संचालकद्वय यश टूटेजा और तरणजीत सिंह होरा का यह प्रयास है कि वे ज्यादा से ज्यादा गरीब लोगों तक राशन का पैकेट पहुंचा सकें। इन तीनों ही संस्थानों के संचालकों ने वर्तमान में 10 हजार परिवारों को राहत देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं छग सिख फोरम के जगजीत सिंह अरोरा बलदेव सिंह भाटिया और जसबीर सिंह गुम्बर, दशमेश सेवा सोसायटी के प्रीतपाल सिंह होरा और परमिंदर सिंह भाटिया व छग सिख संगठन के हरपाल सिंह बाम्बरा और हरमीत सिंह होरा, जगजीत सिंह खनूजा (अध्यक्ष, श्याम नगर गुरुद्वारा ), प्रीतपाल सिंह चण्डूजा, होटल सेमरॉक के संचालक मनदीप सिंह चावला, दिलेर सिंह होरा (अध्यक्ष, देवेंद्र नगर गुरुद्वारा) व जी एस भामरा (अध्यक्ष, छग ऑफिसर्स सिख वेलफेयर) रायपुर के सभी गुरुद्वारों में निःशुक्ल लंगर के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश का यह सबसे बड़ा राहत का पैकेज है, जिसका वितरण शुरू हो चुका है।




चर्चा में यह बात सामने आई है कि ये सभी संस्थान संयुक्त प्रयास के माध्यम से राजधानी रायपुर परिक्षेत्र में निवासरत ऐसे लोगों की मदद करेंगे, जो लाॅकडाउन की वजह से अपना काम खो चुके हैं, वे और उनका पूरा परिवार भूखा है, जिनके पास सरकार द्वारा जारी राशनकार्ड भी नहीं है। ऐसे लोगों की भूख की चिंता भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की है। मानव सेवा के इस बडे़ काम में विधायक कुलदीप जुनेजा, पूर्व विधायक गुरमुख सिंह होरा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह छाबड़ा सभी गुरुद्वारों में जहां निःशुल्क लंगर की व्यवस्था की महती जिम्मेदारी में योगदान देंगे, वहीं चेंबर ऑफ कामर्स महिला विंग की अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी टूटेजा (संचालक, मीनाक्षी ब्यूटी पार्लर), हैप्पी सिब्बल और डाॅ. फरिश्ता का भी सहयोग प्राप्त होगा।


आम दिनों में थोक दुकान से खरीदी पर इन सामानों की कुल कीमत का आकलन किया जाए, तो लगभग 600 रुपए प्रति किट का खर्च है, जिसका खर्च ग्रेंड न्यूज, स्वयं सेवी संस्थान आशा की किरण, स्वयं सेवी संस्थान आशाएं, मीनाक्षी ब्यूटी पार्लर उठा रही हैं। इस तरह की दस हजार किट जरुरतमंद लोगों तक पहुंचाए जाने का कठिन लक्ष्य इन संस्थाओं के प्रमुखों ने उठाया है।



रायपुर स्मार्ट सिटी वालंटियर्स भी सक्रिय

रायपुर स्मार्ट सिटी वालंटियर्स का भी गठन किया गया है। इस टीम को आशीष मिश्रा और रवि गड़पाले समन्वय कर रहे हैं। 29 मार्च की सुबह 10 बजे इनडोर स्टेडियम में सभी वालंटियर्स की बैठक रखी गई है। यहां से जिम्मेदारियों का विभाजन होगा। रायपुर स्मार्ट सिटी वालंटियर्स द्वारा सुबह से फूड पैकेजिंग का काम शुरू किया जाएगा, साथ ही उसका जरूरतमंद क्षेत्रों में वितरण किया जाएगा।




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