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'लॅाकडाउन में बंद पड़े 6 हजार छोटे-बड़े कारखानों में कामकाज शुरू, पूरी सक्षमता से काम कर रही सरकार'

राज्य के 56 लाख परिवारो को दिया जा रहा तीन माह का निःशुल्क राशन, प्रदेश में प्रतिदिन 20 लाख लोगों को रोजगार देकर छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

लॅाकडाउन में बंद पड़े 6 हजार छोटे-बड़े कारखानों में कामकाज शुरू, पूरी सक्षमता से काम कर रही सरकार
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रायपुर. नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज अपने निवास कार्यालय में विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों को राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासो, अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकांे के लाने की व्यवस्था तथा राज्य के श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कोरोना संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी सक्षमता से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य, कोरोना संक्रमण के रोकथाम के मामले में देश का माडल राज्य बनकर उभरा है। संकट की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में गरीबों, ग्रामीणांे एवं शहर के जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबध्दता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य के 56 लाख परिवारों को दो माह का निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया है। जून माह का भी राशन निशुल्क वितरण करने जा रहे है। जिनके पास राशन कार्ड नही है। ऐसे परिवारो को भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी ग्राम पंचायतो में जरुरतमंदो की मदद के लिए 2 क्विंटल चावल रखा गया है।

मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने आगे कहा कि राज्य की दस हजार ग्राम पंचायतांे में वृहद पैमाने पर मनरेगा के कार्य संचालित किय जा रहे हैं। इसके जरिये राज्य में 20 लाख लोगों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है। शहरी क्षेत्रो में भी निर्माण का कार्य फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन सुनिश्चित करते हुए कराये जा रहे हैं। लॅाकडाउन में बंद पड़े लगभग 6 हजार छोटे-बड़े कारखानों को चालू करा दिया गया है, जिससे स्थानीय श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध होने लगा है। उन्होंने कहा कि लाकडाउन की वजह से छत्तीसगढ़ में फंसे अन्य राज्यो के श्रमिकांे के भोजन, आवास एवं स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। देश के अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के लगभग सवा लाख श्रमिकों को उन राज्यों में राशन, आवास एवं स्वास्थ्य की व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार ने संबंधित राज्यों के अधिकारियों से समन्वय कर की है। जरुरतमंद श्रमिकों के खातो में लगभग एक करोड़ रुपये की राशि जमा की गई है। मंत्री डॉ.डहरिया ने कहा कि केन्द्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार ही राज्य में पुनः शराब की दुकाने खोली गई है। उन्होने कहा कि शराब विक्रय के दौरान फिजिकल डिस्टेसिंग का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो इसके निर्देश दिए गये है।

डॉ. शिवकुमार डहरिया ने पत्रकारो के सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि अन्य राज्यो में फंसे हुए श्रमिकों को लाने के लिए ट्रेन की व्यवस्था के लिए रेलवे से बात-चीत हुई है। टेªन उपलब्ध होते ही श्रमिको को उन राज्यो से छत्तीसगढ़ लाया जायेगा। इसकी पूरी व्यवस्था सरकार करेेगी। डॉ. डहरिया ने कहा कि राज्य में वापस आने वाले सभी श्रमिकों को 14 दिन क्वारेंटीन किये जाने की व्यवस्था भी सरकार ने की है। क्वारेंटीन संेटर में श्रमिको के भोजन, आवास एवं चिकित्सा का प्रबंध राज्य सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि कोटा से वापस आए हुए विद्यार्थियों को क्वारेंटीन में रखा गया था। सभी स्वास्थ की जांच की गई। बच्चो एवं पालको के आग्रह पर उन्हें होम क्वारेंटीन किये जाने की अनुमति दी गई है। सभी बच्चो के आवास पर क्वारेंटीन की सूचना भी चस्पा किया गया है। राज्य में शराब दोगुने रेट पर बेचे जाने की शिकायत के मद्देनजर मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि किसी भी दुकान मंे अधिक मूल्य पर शराब विक्रय की शिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।

मंत्री डॉ. डहरिया ने रायपुर शहर में पीलिया की संक्रमण की रोकथाम के संबंध में भी उन्होंने पत्रकारो के सवालों का जबाब दिया। उन्होने कहा कि रायपुर शहर मंे स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 80 एम.एल.डी. क्षमता का नया वाटर फिल्टर प्लांट स्थापित किया जा रहाा है। पांच वर्ष पूर्व ही रायपुर शहर की कालातीत हो चुकी 60 कि.मी. पाईप लाईन में लिकेज होने कीे वजह से शहर के कुछ इलाको में पीलिया का प्रकोप हुआ है। इस पाईप लाईन को बदलने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। अब तक 45 कि.मी.तक पाईप लाईन बदल दी गई है। शेष कार्य को भी युध्द स्तर पर पूरा कराया जा रहा है। उन्हांेने बताया कि जल आपूर्ति के लिए रायपुर शहर में पांच उच्चस्तरीय जल टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। रायपुर शहर के श्याम नगर और राम नगर (गुढ़ियारी) में दो टंकियों का पूर्ण करा कर उसके माध्यम जल आपूर्ति शुरु कर दी गई है। उन्होने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरुप रायपुर शहर को टैंकर मुक्त शहर बनाने का अभियान चल रहा है। बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष टैंकरो की संख्या मंे 40 प्रतिशत की कमी आयी है। मंत्री डॉ.डहरिया ने एक प्रश्न उत्तर देते हुए कहा कि राज्य में शराब बंदी लागू किये जाने के लिए सामाजिक, राजनैतिक एवं प्रशासनिक स्तर पर सरकार ने कमेटी गठित की है। कमेटी के अनुशंसा के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

डॉ. डहरिया ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 27 करोड़ रुपये दिये गये है। श्रम विभाग द्वारा बड़े जिलो को 20-20 लाख रुपये छोटे जिलो को 10-10 लाख रुपये राहत शिविरो के संचालन एवं लाकडउन की वजह से फंसे श्रमिको की मदद के लिये दिये गये है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सजगता एवं त्वरित निर्णय से छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना का फैलाव अन्य राज्यो की तुलना में कम हुआ है। राज्य में 19 मार्च को कोरोना का पहला पाजिटिव केस मिलते ही रायपुर में धारा-144 लगा दी गई। राज्य मेें 13 मार्च से ही नगरीय निकायो में सार्वजनिक स्थानो जैसे लाईब्रेरी, गार्डन, वाटर पार्क, जिम आदि बंद करा दिये गये थे। छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरुआत से ही सतर्कता बरती, यही वजह है कि प्रदेश सुरक्षित है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस महामारी से बचाव की लड़ाई समाज के सभी वर्ग के लोग एक ईकाई के रुप में लड़ रहें है।

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