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नान मामले में गठित एसआईटी जांच पर भाजपा ने उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने नान मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस प्रकरण में मुख्य आरोपी अनिल टुटेजा है, जो वर्तमान में फरार है और इनकी बेल का आवेदन कोर्ट द्वारा नामंजूर किया जा चुका है।

नान मामले में गठित एसआईटी जांच पर भाजपा ने उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने नान मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस प्रकरण में मुख्य आरोपी अनिल टुटेजा है, जो वर्तमान में फरार है और इनकी बेल का आवेदन कोर्ट द्वारा नामंजूर किया जा चुका है। यह विडंबना है कि एक फरार मुख्य आरोपी के अभ्यावेदन पर मंत्रिमंडल द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, अनिल टुटेजा की गिरफ्तारी के लिए भूपेश बघेल एवं टीएस सिंहदेव द्वारा पीएमओ को 12अप्रैल 2017 को पत्र भेजा गया था।

कौशिक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अब इसी अधिकारी के अभ्यावेदन पर एसआईटी का गठन और एसआईटी को आधार बनाकर कोर्ट की कार्यवाही को रोका जा रहा है। इतिहास में शायद कोई ऐसा कोई उदाहरण हो, जिसमें जांच एजेंसी द्वारा स्वयं न्यायालय की प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया गया हो।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि नान मामले में मुलजिम शिवशकंर भट्ट की उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत निरस्त करने के साथ यह स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इस प्रकरण का निराकरण 1 वर्ष में किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन 113 पन्नों के संबंध में विवेचना करने का आधार बनाकर न्यायालय की कार्यवाही स्थगित करने का प्रयास किया जा रहा है, उन 113 पन्नो के संबंध में वर्तमान में लोक आयोग द्वारा प्रकरण का पंजीयन कर पृथक से जांच की जा रही है।
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