logo
Breaking

भूपेश बघेल के शपथ ग्रहण समारोह का जोगी परिवार करेगा बहिष्कार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, उनकी विधायक पत्नी डॉ. रेणु जोगी, पुत्र पूर्व विधायक अमित जोगी और बसपा के टिकट से विधानसभा चुनाव में उतरीं बहू ऋचा जोगी शामिल नहीं होंगी। पूरा जोगी परिवार इस समय श्री जोगी के पैतृक ग्राम पेंड्रा में है।

भूपेश बघेल के शपथ ग्रहण समारोह का जोगी परिवार करेगा बहिष्कार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, उनकी विधायक पत्नी डॉ. रेणु जोगी, पुत्र पूर्व विधायक अमित जोगी और बसपा के टिकट से विधानसभा चुनाव में उतरीं बहू ऋचा जोगी शामिल नहीं होंगी। पूरा जोगी परिवार इस समय श्री जोगी के पैतृक ग्राम पेंड्रा में है।

अगले तीन दिन पूरा परिवार वहीं रहेगा। छत्तीसगढ़ की सियासत में भूपेश बघेल व श्री जोगी की कटुता किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि जोगी परिवार ने शपथ ग्रहण में न जाकर एक तरह से मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का बहिष्कार किया है।

इस संबंध में हरिभूमि से चर्चा करते हुए डॉ. रेणु जोगी ने बताया कि शनिवार की रात श्री जोगी सहित पूरा परिवार पेंड्रा में आ गया है। रविवार को जोगी परिवार नवाखाई के कार्यक्रम में शामिल हुआ। सोमवार को गौरेला पेंड्रारोड में वहां के नगर पंचायत अध्यक्ष ने एक कार्यक्रम रखा है। मंगलवार को मरवाही में कार्यक्रम तय है।
उन्होंने साफ किया कि ये कार्यक्रम पूर्व निर्धारित है, इसलिए वे 17 तारीख को रायपुर में नहीं रहेंगे। जोगी परिवार का कोई सदस्य शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होगा।
कांग्रेस अपने घोषणापत्र पर अमल करे
रेणु जोगी ने भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है, तो सबसे पहले कांग्रेस को अपने घोषणापत्र पर अमल करना चाहिए। किसानों से जो वादे किए गए हैं, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस और छजकां का घोषणापत्र कार्बन कॉपी की तरह था। इसी घोषणापत्र के कारण कांग्रेस को लाभ हुआ और सुनामी की तरह बड़ी जीत मिली, लेकिन इसके बावजूद मैं कोटा सीट जीतने में सफल रही। यह मेरे अब तक के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
उन्होने कहा कि मैंने कांग्रेस के अभेद गढ़ में कांग्रेस को हराया है। इस सीट पर आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस नहीं हारी थी। इससे पहले कांग्रेस ने मुझे अयोग्य समझकर कोटा से टिकट नहीं दिया था। मुझे सीता की तरह अग्निपरीक्षा देनी पड़ी, लेकिन मैं उसमें स‌फल रही। अब कोटा विधायक के रूप में मेरा प्रयास होगा कि कोटा को जिला बनाया जाए। इसके लिए मैं संघर्ष करती रहूंगी।
Share it
Top