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झीरम घाटी नक्सली हमला: SIT का गठन, बस्तर आईजी विवेकानंद के नेतृत्व में ये 10 करेंगे जांच

झीरम घाटी नक्सली हमले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। पुलिस मुख्यालय से बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। यही दस सदस्य पूरे मामले की फिर से जांच करेंगे। बताया गया है कि झीरम के सभी दस्तावेज एनआईए से लेकर इसकी दोबारा जांच कराकर षड़यंत्र कर खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।

झीरम घाटी नक्सली हमला: SIT का गठन, बस्तर आईजी विवेकानंद के नेतृत्व में ये 10 करेंगे जांच
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झीरम घाटी नक्सली हमले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। पुलिस मुख्यालय से बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। यही दस सदस्य पूरे मामले की फिर से जांच करेंगे। बताया गया है कि झीरम के सभी दस्तावेज एनआईए से लेकर इसकी दोबारा जांच कराकर षड़यंत्र कर खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।

डीजीपी डीएम अवस्थी के हस्ताक्षर से जारी आदेश में स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) प्रभारी आईजी विवेकानंद सिन्हा , इसके सदस्यों में पी. सुंदर राज (डीआईजी नक्सल अभियान), एमएल कोटवानी (एसपी, सुरक्षा वाहिनी माना), गायत्री सिंह (उप सेनानी तीसरी वाहिनी अमलेश्वर दुर्ग), राजीव शर्मा (डीएसपी सरायपाली), आशीष शुक्ला (टीआई रायपुर), प्रेमलाल साहू (टीआई विशेष साखा), नरेन्द्र शर्मा (रिटायर्ड डीएसपी), एएन चतुर्वेदी ( विधि विशेषज्ञ), डॉ.एमके वर्मा (विधि-विज्ञान विशेषज्ञ) शामिल हैं।
25 मई 2013 को बस्तर में दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी में देश का सबसे बड़ा नक्सल हमला हुआ था। इस घटना में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष पंक्ति के नेता मारे गए गए थे। घटना में तात्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा, उदय मुदलियार, याेगेन्द्र शर्मा, दिनेश पटेल जैसे नेताओं के साथ कुल 29 लोग मारे गए थे।
घटना के बाद तात्कालीन यूपीए सरकार ने जांच का जिम्मा एनआईए को दिया था। एनआईए ने 4 साल बाद अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी तो नतीजा शून्य निकला था। वहीं तत्कालीन रमन सरकार की ओर से हाईकोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा के नेतृत्व में झीरम घाटी हमले की हमले की जांच के लिए न्यायिक आयोग भी बनाया गया था। आयोग में अभी भी मामले की सुनवाई जारी है।

चुनाव में बना था मुद्दा

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने झीरम घाटी नक्सली हमले को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाते हुए इसकी फिर जांच कराने की घोषणा की थी। कांग्रेस ने घोषणा-पत्र में एसआईटी गठित जांच कराने की बात कही थी। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने 1 जनवरी को कैबिनेट की बैठक में एसआईटी गठन को मंजूरी दी थी। 2 जनवरी को गृहमंत्री ने पुलिस अधिकारियों की बैठक के बाद एसआईटी का गठन करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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