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जन शताब्दी समेत सात ट्रेनों में हैंड हेल्ड मशीन की होगी शुरुआत

हैंड हेल्ड टर्मिनल की शुरुआत पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर बिलासपुर जोन में की जा रही है, जिसके तहत जनशताब्दी सहित 7 ट्रेनों में बिलासपुर और रायपुर, नागपुर डिवीजन के 62 टिकिट चेकिंग स्टाफ को मशीन प्रदान की जाएगी।

जन शताब्दी समेत सात ट्रेनों में हैंड हेल्ड मशीन की होगी शुरुआत

हैंड हेल्ड टर्मिनल की शुरुआत पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर बिलासपुर जोन में की जा रही है, जिसके तहत जनशताब्दी सहित 7 ट्रेनों में बिलासपुर और रायपुर, नागपुर डिवीजन के 62 टिकिट चेकिंग स्टाफ को मशीन प्रदान की जाएगी। इस मशीन के जरिए विशेष रूप से टिकिट चेकिंग स्टाफ के मनमाने बर्थ देने पर रोक लगेगी वहीं ज्यादातर यात्रियों को इससे फायदा पहुंचेगा।

छुट्टियों के सीजन में ट्रेनों में सबसे अधिक यात्रियों की भीड़ होती है। वर्तमान में रेलवे के नियमानुसार यात्रियों को आरामदायक सफर करने की सुविधा हेतु संबंधित तिथि में ट्रेन रवाना होने से 4 माह पहले आरक्षित टिकिट, तय तिथि से 24 घंटे पूर्व तत्काल टिकिट के अलावा आईआरसीटीसी के माध्यम से दोनों आरक्षित यात्रियों को उपलब्ध हो रही है।
इसके बावजूद कई बार यात्रियों को वेटिंग टिकिट मिलती है, जिसे लेने के बाद संबंधित तिथि में ट्रेन जाने से पहले कनफर्म होने का इंतजार करते रहते हैं। वेटिंग टिकिट होने के कारण कई यात्री टिकिट केंसिल करते हैं और कई यात्रियों को वेटिंग टिकिट लेकर ही मजबूरीवश सफर करना पड़ता है। ट्रेन में यात्रियों के अचानक टिकिट केंसिल कराने के साथ दूसरे स्टेशन में यात्रियों के उतरने के बाद बर्थ खाली हो जाते हैं, जिसके कारण टीटीई खाली बर्थ को दूसरे यात्रियों को देते हैं।
इसके कारण शुरुआत के वेटिंग यात्रियों को कंफर्म बर्थ नहीं मिल पाती है। रेलवे ने वीआईपी कोटे, केंसर पीड़ित, बीमारी के अलावा अन्य कोटे से जोन और डिवीजन के अफसरों को कुछ बर्थ भी सुरक्षित रखने की छूट दी है। इसमें बर्थ की संख्या से अधिक इमरजेंसी कोटा लगने के कारण अधिकारियों को भी बर्थ कंफर्म करने में मुश्किल होती है। वेटिंग टिकिट लेकर सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने अब एक नया नियम बनाया है।
ट्रेनों में लंबी वेटिंग से अब रेलवे यात्रियों को छुटकारा देने वाली है। अब यात्रियों की वेटिंग टिकिट चलती ट्रेन में ही कंफर्म हो जाएगी। इसके लिए रेलवे ने तैयारी पूरी कर ली है। पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर यह सुविधा भी शुरु कर दी गई है। रेलवे के इस नियम से यात्रियों को सुविधा मिलेगी, वहीं वेटिंग टिकिट कंफर्म होने पर परेशानी भी दूर हो सकेगी।

7 ट्रेनों में मिलेगी सुविधा
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत बिलासपुर जोनल अंतर्गत हैंड हेल्ड मशीन की शुरुआत पायलेट प्रोजेक्ट पर शुरु करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रथम चरण में शुरुआत रायगढ़ से बिलासपुर होकर गोंदिया आने-जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस, बिलासपुर-नागपुर शिवनाथ एक्सप्रेस, बिलासपुर-नागपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, दुर्ग से उसलापुर होते हुए अंबिकापुर जाने वाली दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस कम पैसेंजर और दुर्ग से बिलासपुर होकर निजामुद्दीन जाने वाली छत्तीसगढ़ संपर्कक्रांति एक्सप्रेस शामिल है। इन ट्रेनों में ड्यूटी करने वाले टिकिट चेकिंग स्टाफ के साथ ही बिलासपुर, रायपुर और नागपुर डिवीजन के 62 टीटीई के पास हैंड हेल्ड टर्मिनल मौजूद रहेंगे।
क्रियान्वयन करेगी कृष
टीटीई जिस ट्रेन में हैंड हेल्ड टर्मिनल यानि एचएचटी लेकर ड्यूटी करने चढ़ेंगे, उस ट्रेन की सीटिंग व्यवस्था अपडेट डिवाइस में अपडेट होती रहेगी। कोई यात्री चार्ट बनने के बाद यदि टिकिट रद्द करेंगे या उनकी ट्रेन छूटेगी तो डिवाइस में यह जानकारी अपडेट हो जाएगी। इस पर टीटीई संबंधित यात्री की बर्थ को आबंटर कर सकेंगे। रेलवे अफसरों के अनुसार इस व्यवस्था को जानकारी से शुरु करने की योजना है। पहले चरण में 500 और दूसरे चरण में 8 हजार टीटीई को डिवाइस दिए जाएंगे, जिससे टिकिट की जांच में भी तेजी आएगी।
टीटीई के पास होगी डिवाइस
जानकारी के अनुसार वेटिंग लेकर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को अब कंफर्म बर्थ की भी सुविधा मिल सेगी। रेलवे के नियमानुसार टीटीई के पास ऐसी डिवाईस होगी, जो चलती ट्रेन में सीटों की स्थिति के संबंध में जानकारी देगी। ये किसी वेटिंग टिकिट काे कंफर्म कर सकेंगे। इस मशीन को हैंड हेल्ड टर्मिनल एचएचटी कहा जाता है। टीटीई को मशीन के जरिए जानकारी मिलने के उपरांत वे वेटिंग टिकिट को कंफर्म करते जाएंगे।
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