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वित्तीय अपराध में संलिप्त है सरकार, कैग रिपोर्ट ने खोली पोल, कांग्रेस का रमन सरकार पर तीखा हमला

प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भूपेश बघेल एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने सीएजी द्वारा भाजपा सरकार के वित्तिय लेखा-जोखा में बड़ी गड़बड़ीयों के पाये जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में पाया है कि रमन सिंह की सरकार वित्तीय अपराध में संलिप्त है।

वित्तीय अपराध में संलिप्त है सरकार, कैग रिपोर्ट ने खोली पोल, कांग्रेस का रमन सरकार पर तीखा हमला

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने सीएजी द्वारा भाजपा सरकार के वित्तिय लेखा-जोखा में बड़ी गड़बड़ीयों के पाये जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में पाया है कि रमन सिंह की सरकार वित्तीय अपराध में संलिप्त है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि सीएजी ने सरकार के वित्तिय प्रबंधन के विपरित टिप्पणी की है सरकार ने बजट के 25 प्रतिशत राशि खर्च नहीं कर पायी।
2 हजार करोड़ रूपये की पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की गारंटी दी गई, लेकिन उसके लिये कोई बजटीय प्रवधान नहीं होना गंभीर वित्तीय अनियमितता है। भले ही वित्तीय प्रबंधन उपर से ठीक से प्रतीत होता है लेकिन सीएजी रिपोर्ट में सूक्ष्म स्तर (माइक्रो लेवल) पर भाजपा सरकार के वित्तीय प्रबंधन में भारी गड़बड़िया पाई गयी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि रमन सरकार भारी भरकम बजट बनाती तो है लेकिन बजट की राशि को जनहित में खर्च करने में अक्षम साबित हुयी है।
2016-17 में 80 हजार करोड़ का बजट बनाया गया लेकिन सरकार उस बजट से सिर्फ 60000 करोड ही खर्च कर पाई। 25 प्रतिशत राशि को खर्च करने में रमन सरकार नाकाम साबित हुयी हैं।
नेता द्वय ने कहा है कि सरकार के द्वारा बार-बार अनुपूरक बजट प्रस्तुत करने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब किसानों को धान का बोनस और समर्थन मूल्य देने की बारी आती है तो रमन सरकार सीएजी रिपोर्ट में बार-बार अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान बांटने की नाकाम कोशिशों में संलिप्त पाई गयी है।
बार-बार अनुपूरक बजट लाना रमन सरकार के गलत वित्तीय प्रबंधन का जीता जागता सबूत है।सीएजी रिपोर्ट में उर्जा विभाग में भारी गड़बड़ियो के उजागर होने पर उन्होंने कहा कि सीएसपीडीसीएल ने दो हजार करोड़ का लोन लिया और उसे पटाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने ली लेकिन इसका प्रावधान ही बजट में नहीं किया और विधानसभा को भी रमन सरकार ने अंधेरे में रखा।
सरकार ने सी एस पी डी सी एल के लिए 2000 करोड़ की जो गारंटी ली उसे छुपाना तरीके से वित्तीय अपराध की श्रेणी में आता है इसके लिए रमन सरकार जिम्मेदार है।
सीएसपीडीसीएल 1000 करोड़ के बिजली बिल की वसूली एवं 2700 करोड़ की शेष वसूल भी नहीं कर पाई। रमन सरकार अभी तक 5600 करोड़ का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी नहीं प्रस्तुत कर पाई हैं।
अब तक वैट से 2000 करोड़ कम राजस्व प्राप्ति हुआ है। 5600 करोड़ के प्रावधान में से 465 करोड़ मजदूरों के हित में रमन सरकार खर्च ही नहीं कर पायी। 1465 करोड़ का गलत हिसाब लगाकर ज्यादा राजस्व का सरप्लस बताया जा रहा है।सरकार का कुल रेवेन्यू सरप्लस 3864 करोड़ है जबकि सरकार ने 5314 करोड़ बताया है जो गंभीर वित्तीय अनियमितता है।
नेता द्वय ने कहा है कि भाजपा सरकार ने करीब 6000 करोड़ दिया लेकिन इसके बदले सरकार को कुछ नहीं मिला रिजर्व फंड में 4144 में से करीब 2200 करोड़ नगदी पड़ी है
इसका निवेश नही किया गया बल्कि जिससे राजकोष को क्षति पहुंची है। बीमार उपक्रमों के लिए 4000 करोड़ की गारंटी दी, लेकिन इसे भी छिपाया गया है।
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