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सरकार ने दी सब्सिडी की राहत और दिव्यांग तेज प्रकाश व लक्ष्मण की जिंदगी बदल गई

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के गरीब लोगों के लिए ई-रिक्शा सब्सिडी योजना 2018 शुरू की है |

सरकार ने दी सब्सिडी की राहत और दिव्यांग तेज प्रकाश व लक्ष्मण की जिंदगी बदल गई
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के गरीब लोगों के लिए ई-रिक्शा सब्सिडी योजना 2018 शुरू की है | इस योजना के तहत, श्रम विभाग द्वारा राज्य में ई-रिक्शा की खरीद पर सभी लोगों को सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी वाले ई-रिक्शा योजना का लाभ ले रहे प्रदेश के हजारों गरीब, दिव्यांग व महिलाओं को अब सम्मान के साथ सर उठाकर जीने की नई राह मिल गई है।
ई-रिक्शा खरीदने वालों को राज्य सरकार अब श्रम विभाग के माध्यम से 50 हजार रुपए का अनुदान दे रही है। पहले सभी जिलों में ई-रिक्शा के लिए सब्सिडी का प्रावधान नहीं था। कुछ जिलों में जिला खनिज संस्थान से सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन अब कुल लागत की एक तिहाई अर्थात 50 हजार रुपए की राशि सब्सिडी राज्य सरकार दे रही है।
अब तक प्रदेश में दिव्यांगों के साथ साथ महिला स्व-सहायता समूहों को आसान और सस्ता ऋण दिया जाता है। पांच साल में 90 हजार स्व-सहायता समूहों को 1 हजार 151 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है। गौरतलब है कि बीजापुर जिले के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी ई-रिक्शे की सवारी कर चुके हैं।

दिव्यांग प्रकाश फोटो फ्रेम बेचते थे, गुजारा मुश्किल से होता था, ई-रिक्शा ली और जिंदगी आसान हो गई

भगत सिंह आजाद नगर तिफरा में रहने वाले बचपन से दिव्यांग तेज प्रकाश पहले फोटो फ्रेमिंग के कार्य के कार्य कर बमुश्किल से 200-250 रू. प्रतिदिन कमाता था। फिर एक दिन किस्मत ने तेज प्रकाश का दरवाजा खटखटाया और उसे राज्य के श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ई-रिक्शा सहायता योजना की जानकारी मिली।
तेज प्रकाश ने अपना पंजीयन असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में करा कर ई रिक्शा के लिए आवेदन दिया। ई रिक्शा मिलने के बाद तेज प्रकाश प्रतिदिन उससे 500-600 रूपये कमाकर अपना एवं अपने परिवार का भरण पोषण अच्छे से कर रहा है। मासिक किस्त भी मात्र 2200 रूपये होने की वजह से उसका भुगतान भी आसानी से हो जाता है। प्रकाश कहते हैं राज्य सरकार की सहायता से उनकी जिंदगी आसान हो गई है।

लक्ष्मण ई-रिक्शा से रोज कमा रहे 7 से 8 सौ रुपए

बिलासा ताल के पीछे रहने वाले बचपन से दिव्यांग लक्ष्मण हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लक्ष्मण पहले छोटा मोटा काम कर बमुश्किल से 200-250 रूपये प्रतिदिन कमाते थे। बाद में बैंक से ऋण लेकर ई रिक्शा लिया, जिसमें श्रम विभाग के ई रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 50 हजार रूपये की सब्सिडी का लाभ मिला। अब लक्ष्मण ई रिक्शा से प्रतिदिन 700-800 रूपये कमाकर अपने परिवार का भरण पोषण अच्छे से कर रहे हैं। बेसहारा से अपने परिवार का सहारा बनने के बाद लक्ष्मण कहते हैं इस योजना ने जिंदगी बदल दी।
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