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आदिवासियों के विकास के लिए सरकार वचनबद्ध: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज सहित आम जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

आदिवासियों के विकास के लिए सरकार वचनबद्ध: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज सहित आम जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। डॉ. सिंह ने विश्व आदिवासी दिवस पर जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि भारत सहित पूरी दुनिया की विविधतापूर्ण जन जातीय संस्कृति सम्पूर्ण मानव समाज की अनमोल धरोहर है। आधुनिक युग में आदिवासी समाज भी शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, कला-संस्कृति आदि जीवन के हर क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा - छत्तीसगढ़ सरकार भी राज्य के आदिवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए वचनबद्ध है। प्रदेश में आदिवासी जनसंख्या लगभग 32 प्रतिशत है, जबकि राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के अपने मुख्य बजट में 34 प्रतिशत राशि आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास पर खर्च करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा - छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने अपने यहां के आदिवासी बहुल इलाकों के विकास के लिए वर्ष 2004-05 में जन प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से दो विशेष विकास प्राधिकरणों का गठन किया है।

विगत लगभग 14 वर्ष में सरगुजा और उत्तर क्षेत्र तथा बस्तर और दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों की बैठकों में जनप्रतिनिधियों के परामर्श से इन इलाकों में विकास के कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। सरगुजा (अम्बिकापुर) और बस्तर (जगदलपुर) में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में नक्सल पीड़ित आदिवासी बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण के लिए एजुकेशन सिटी और विशाल शैक्षणिक परिसरों का निर्माण, इनमें उल्लेखनीय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा - इन प्राधिकरणों के जरिए सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि सुविधाओं में काफी वृद्धि हुई है। दोनों प्राधिकरणों द्वारा आदिवासी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए वीर नारायण सिंह स्वावलम्बन योजना का भी संचालन किया जा रहा है। डॉ. रमन सिंह ने कहा - दंतेवाड़ा सहित प्रदेश के सभी 27 जिलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए लाईवलीहुड कॉलेजों की स्थापना की गई है, इनमें से अधिकांश कॉलेज आदिवासी जिलों में संचालित हो रहे हैं।

राज्य सरकार ने वर्ष 2007 में बीजापुर और नारायणपुर जिलों का निर्माण करते हुए वर्ष 2012 में नौ नये जिले बनाए। इस प्रकार सिर्फ पांच वर्ष के भीतर ग्यारह नये जिलों का निर्माण हुआ, इनमें से बीजापुर, नारायणपुर, गरियाबंद, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोण्डागांव, सुकमा को मिलाकर सात जिले आदिवासी क्षेत्रों में बनाए गए। इससे इन इलाकों में विकास की गति तेजी से बढ़ी है।

डॉ. सिंह ने कहा - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने भी देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाकों के विकास पर विशेष रूप से ध्यान दे रही है। प्रधानमंत्री ने बस्तर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके निर्देश पर वहां नगरनार के इस्पात संयंत्र का निर्माण तेजी से पूर्णता की ओर अग्रसर है। दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना के तहत रेल सेवा भानुप्रतापपुर तक पहुंच गई है।

इतना ही नहीं बल्कि राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के हाथों पिछले महीने की 26 तारीख को जगदलपुर में शासकीय मेडिकल कॉलेज के लगभग 500 बिस्तरों वाले विशाल अत्याधुनिक अस्पताल का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा - राज्य सरकार की संचार क्रांति योजना से आदिवासी इलाकों में भी मोबाइल नेटवर्क का विकास और विस्तार होगा। योजना के तहत उन इलाकों में भी निःशुल्क स्मार्ट फोन दिए जाएंगे, जिसका फायदा वहां के दूर-दराज के लोगों को मिलेगा।

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