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गरियाबंद जिला प्रशासन की टीम को तेलंगाना में बड़ी सफलता, तेलंगाना में 177 मजदूर छुड़ाए गए, 27 बच्चे भी शामिल

गरियाबंद जिला प्रशासन की टीम को तेलंगाना में बड़ी सफलता मिली है। दरअसल कुल्हाड़ीघाट और इंदगांव के 177 मजदूर दलालों के चक्कर में काम की तलाश में तेलंगाना पहुंच गए थे। इनमें महिला व पुरुषों के साथ 27 बच्चे भी शामिल हैं। जहां इन्हें बंधक बनाकर जबरन एक ईंट भट्ठी में काम करवाया जा रहा था। छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम तेलंगाना से इन मजदूरों को लेकर लौट आई है। छुड़ाए गए सभी मजदूरों आज ​कलेक्टर मुलाकात करेंगे।

गरियाबंद जिला प्रशासन की टीम को तेलंगाना में बड़ी सफलता, तेलंगाना में 177 मजदूर छुड़ाए गए, 27 बच्चे भी शामिल
गरियाबंद जिला प्रशासन की टीम को तेलंगाना में बड़ी सफलता मिली है। दरअसल कुल्हाड़ीघाट और इंदगांव के 177 मजदूर दलालों के चक्कर में काम की तलाश में तेलंगाना पहुंच गए थे। इनमें महिला व पुरुषों के साथ 27 बच्चे भी शामिल हैं। जहां इन्हें बंधक बनाकर जबरन एक ईंट भट्ठी में काम करवाया जा रहा था। छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम तेलंगाना से इन मजदूरों को लेकर लौट आई है। छुड़ाए गए सभी मजदूरों आज ​कलेक्टर मुलाकात करेंगे।

एक हफ्ते पहले जैसे ही जिला कलेक्टर श्याम को इस बारे में पता चला उन्होंने तुरंत टीम गठन कर मजदूरों को छुड़ाने के लिए तेलंगाना भेज दिया था। इसके बाद वहां तेलंगाना प्रशासन की मदद से सभी मजदूरों को छुड़ाया गया। इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना जल्द ही ऐसे दलालों की लिस्ट बनाई जाएगी जो मासुम लोगों को बरगला कर ले जाते हैं और उन्हें बंधक बनाकर काम करते हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पीड़ित मजदूरों का कहना है अब हम किसी की भी बातों में आकर काम के लिए अपना प्रदेश छोड़कर नहीं जाएंगे। बंधक बने मजदूरों का वहां जिस तरह की मानसिक और शारी​रिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है वह उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही है।
बता दें दलाली प्रवृत्ति के यह लोग गरीब मजदूरों को ज्यादा पैसे दिलाने की लालच में साथ लेकर जाते हैं और फिर ठेकेदारों को बेच देते हैं। जहां इन लोगों को बंधक बनाकर ईट भट्टों जैसी जगहों पर काम कराया जाता है।
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