Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

50 हजार कर्मचारियों का भविष्य दांव पर, 6 माह में रफ्तार पकड़ेगा ऑटोमोबाइल का कारोबार

65 हजार वाहनों की बिक्री पर लगा ब्रेक, शादी के सीजन में आम दिनों की तुलना में 15 से 20 फीसदी ज्यादा होता है कारोबार। पढ़िए पूरी खबर-

50 हजार कर्मचारियों का भविष्य दांव पर, 6 माह में रफ्तार पकड़ेगा ऑटोमोबाइल का कारोबार
X

रायपुर। कोरोना के कहर के कारण प्रदेश में 65 हजार वाहनों की बिक्री पर ब्रेक लग गया। इससे व्यापारियों का जहां हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है, वहीं सरकार को जीएसटी और रोड टैक्स के रूप में मिलने वाले करीब पांच सौ करोड़ के राजस्व की भी चपत लगी है। लॉकडाउन के बाद व्यापार को वापस पटरी पर आने में कम से कम छह माह लगेंगे। अगर मानसून अच्छा रहा और फसलें बेहतर हुईं तो दशहरे और दीपावली में व्यापार अच्छा होने की संभावना है।

प्रदेश में आटोमोबाइल्स का कारोबार भी लॉकडाउन में खासा प्रभावित हुआ है। यह व्यापार ऐसे समय में प्रभावित हुआ है, जब शादियों का सीजन है। इस सीजन में आम दिनों की तुलना में 15 से 20 फीसदी कारोबार ज्यादा होता है। प्रदेश में हर माह करीब 65 हजार वाहनों की बिक्री होती है। इसमें से सबसे ज्यादा करीब 55 हजार दुपहिया वाहन होते हैं। इसके अलावा 4 से 5 हजार कारें, दो हजार के आसपास ट्रकों और अन्य छोटे वाहन, तीन हजार हजार आटो, ई-रिक्शा और करीब डेढ़ हजार ट्रैक्टर बिकते हैं। प्रदेश में करीब तीन सौ डीलर और सात से आठ सौ विक्रेता हैं।

15 सौ करोड़ का कारोबार

प्रदेश में वाहनों की जो बिक्री होती है, वह करीब 15 सौ करोड़ की होती है। इसमें से हजार करोड़ का टर्नओवर जहां व्यापारियों का है, वहीं करीब पांच सौ करोड़ का टैक्स जीएसटी और रोड टैक्स के रूप में सरकार को ज्यादा है। जहां वाहनों में जीएसटी 28 से 49 प्रतिशत लगता है, वहीं रोड टैक्स 8 से 9 फीसदी लगता है।

50 हजार कर्मचारी

प्रदेश भर में आटोमोबाइल्स के कारोबार से जुड़े 50 हजार कर्मचारी हैं। इनमें से जहां 30 हजार कर्मचारी सीधे तौर पर डीलरों और विक्रेताओं से जुड़े हैं, जिनको सीधा वेतन मिलता है। वहीं 20 हजार कर्मचारी हाउस कीपिंग और सुरक्षा से जुड़े हैं। इन्हें प्लेसमेंट के माध्यम से रखा गया है। इन सबको मार्च माह का वेतन तो दे दिया गया है, लेकिन अप्रैल का वेतन कैसे मिलेगा, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। व्यापारी चाहते हैं जिनका ईएसआई कटता है, उनको वहां से वेतन मिले।

जीएसटी और रोड टैक्स हो कम

फेडरेशन ऑफ आटोमोबाइल्स डीलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव और रायपुर आटोमोबाइल्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष सिंघानिया का कहना है, लॉकडाउन में जो कारोबार प्रभावित हुआ है, उससे उबरने में लंबा समय लगेगा, यह तय है, लेकिन सरकार अगर कुछ राहत के कदम उठाए तो इससे कारोबार में जल्द ही रफ्तार आ सकती है। उनका कहना है, एक तो जीएसटी में कुछ माह के लिए 20 फीसदी की कमी होनी चाहिए, इसी के साथ रोड टैक्स में 2 से 3 फीसदी की कमी करनी चाहिए। इसी के साथ सीसी और टर्मलोन में तीन माह का ब्याज माफ करने और व्यापारियों को लिमिट में 20 फीसदी का अतिरिक्त लाभ देना चाहिए। श्री सिंघानिया का कहना है, अगर सरकार 15 साल पुराने वाहनों को कबाड़ करने में प्रोत्साहन देते हुए इनको नए वाहन लेने पर कुछ छूट दे तो लोग पुराने वाहनों के स्थान पर नए वाहन लेंगे।

Next Story