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पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को क्यों है जान का खतरा, शासन ने बढ़ाई सुरक्षा

पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के मांग पर शासन ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है. अब ननकीराम कंवर 8 सशस्त्र जवानों के सुरक्षा घेरे के बीच रहेंगे. बता दें कि ननकीराम कंवर 2 दिन पूर्व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिले थे.

पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को क्यों है जान का खतरा, शासन ने बढ़ाई सुरक्षा

उमेश यादव, कोरबा. पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के मांग पर शासन ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है. अब ननकीराम कंवर 8 सशस्त्र जवानों के सुरक्षा घेरे के बीच रहेंगे. बता दें कि ननकीराम कंवर 2 दिन पूर्व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिले थे. मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ननकीराम कंवर ने पूर्व आईपीएस मुकेश गुप्ता के जमीन संबंधी भ्रष्टाचार का पुलिंदा मुख्यमंत्री को सौंपा था. इसके बाद ननकीराम कंवर ने अपनी जान का खतरा बताते हुए सीएम से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी. सरकार ने पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की मांग को पूरा करते हुए सुरक्षा घेरा बढ़ा दी है.

साथ ही आपको बता दें कि पूर्व गृहमंत्री और भाजपा विधायक ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता के स्टेनो रेखा नायर व उसके परिवार के सदस्यों की संपत्ति की जांच कराने और आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है. कंवर ने रविवार सुबह मुख्यमंत्री भूपेश से मुलाकात की थी.
करीब 20 मिनट की मुलाकात में कंवर ने गुप्ता और उनकी स्टेनो रही रेखा नायर से जुड़े दस्तावेज सौंपे। इसके साथ ही कंवर ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की. कंवर ने कहा कि प्रदेश में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें गुप्ता ने आगे बढ़ाया है. कुछ पुलिसकर्मी हैं, जिसकी मदद की है. उनसे उन्हें खतरा है. इसलिए मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग की थी.
कंवर ने आरोप लगाया कि नरहदा, पिरदा गांव के अलावा छत्तीसगढ़ में अन्य जगहों और दूसरे राज्यों में रेखा और उसके परिवार के लोगों के नाम पर अवैध संपत्ति है. उन्होंने कुछ दिन पहले एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज मामले का हवाला देते हुए दस्तावेज भी उपलब्ध कराया है. दस्तावेज में बताया है कि रेखा नायर, रमाकांत नायर, राकेश पांडे, गौरी कुट्टी, बिन्दु आर नायर मेसर्स संस साइंस स्टेट भागीदारी फर्म रायपुर द्वारा सतपाल सिंह भाटिया के माध्यम से मुकेश गुप्ता के द्वारा अवैध रूप से कमाए पैसे से जमीन खरीदा गया है.
दस्तावेज में रजिस्ट्री में दर्ज क्रेता, विक्रेता एवं सभी गवाहों के मोबाइल व टेलीफोन नंबर पते दिए गए हैं. बैंक एकाउंट, रजिस्ट्री की जमीनों के स्टाम्प शुल्क को लेकर घपला का अंदेशा भी जताया गया है. कंवर ने संबंधित लोगों से पूछताछ एवं जांच की मांग की है. कंवर ने रजिस्ट्री व गुप्त पत्र की जांच विश्वसनीय अफसर से करवाने की मांग मुख्यमंत्री से की है. पत्र में कहा गया है कि जांच से आम जनता को परेशान कर फर्जी मामलों में फंसाने, धमकी से पैसों की उगाही करने वालों पर लगाम लग सके इसलिए कार्रवाई जरूरी है.
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