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पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह बोले- इतनी बौखलाहट क्यों, अधिकारियों के घर छापा मारने से सरकार को खतरा कैसे...?

यदि किसी के पास अघोषित संपत्ति मिलती है तो उस पर केस बनेगा. आईटी का छापा तो एक सामान्य प्रक्रिया है. छत्तीसगढ़ में कई बार कारवाई की गई, कई बार CRPF भी लेकर गए, पुलिस और CRPF में कोई अंतर है क्या?

पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह बोले- इतनी बौखलाहट क्यों, अधिकारियों के घर छापा मारने से सरकार को खतरा कैसे...?dr raman singh

रायपुर. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के दिल्ली में लगाये गए आरोपों पर पूर्व CM डॉ रमन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि इतनी बौखलाहट क्यों है. मुझे समझ नहीं आ रहा.यहां 69 विधायक हैं और 4-5 अधिकारियों के यहां छापे से ऐसी छटपटाहट क्यों और किसके लिए हो रही है, यह मैं नहीं समझ पा रहा.

मैंने इतनी बौखलाहट कभी नहीं देखी. यहां से लेकर दिल्ली तक हिल गए हैं. इस प्रश्न का जवाब नहीं मिल पा रहा है कि अधिकारियों के घर छापा मारने से सरकार को कैसे खतरा पड़ रहा है.शहर के अधिकारियों के खिलाफ यदि भ्रष्टाचार के आरोप में आईटी विभाग जांच कर रहे हैं तो सरकार को क्या हो रहा है. यदि किसी के पास अघोषित संपत्ति मिलती है तो उस पर केस बनेगा. आईटी का छापा तो एक सामान्य प्रक्रिया है. छत्तीसगढ़ में कई बार कारवाई की गई, कई बार CRPF भी लेकर गए, पुलिस और CRPF में कोई अंतर है क्या?

छत्तीसगढ़ में कई बार आई टी कि रेड हुई है इसमें इस प्रकार का बड़ा तूफान मचाना इस पर सुरजेवाला का कहना कि सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है. यह केवल कार्रवाई हो रही है. आईटी एक्ट के तहत इस पर कार्रवाई होगी यह बौखलाहट या घबराहट यह केवल खुलासा होने वाला है उसके तार जुड़ते हैं और इसी का यह बौखलाहट है.

रणदीप सुरजेवाला के पनामा लीक्स मामले में आरोप को लेकर उन्होंने कहा कि उनको मूल विषय पता ही नहीं है. भूपेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद कई बार कैबिनेट की बैठक में कई मामलों में एसआईटी का गठन कर जांच की गई, वैसे ही इस पूरे मामले में दूध का दूध पानी का पानी हो चुका है. संघीय ढांचे पर उन्होंने कहा कि इस पर कुठाराघात तब होता है. जब कांग्रेस द्वारा आईटी के छापे पर प्रदर्शन किया जाता है.

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