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रायपुर पूर्व सांसद रमेश बैस होंगे त्रिपुरा के राज्यपाल, MP के लालजी टंडन और UP की आनंदीबेन बनी गवर्नर

मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनाई गई हैं। वहीं अब मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन होंगे। वहीं रमेश बैस को त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया है।

रायपुर पूर्व सांसद रमेश बैस होंगे त्रिपुरा के राज्यपाल, MP के लालजी टंडन और UP की आनंदीबेन बनी गवर्नर

रायपुर। मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनाई गई हैं। वहीं अब मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन होंगे। वहीं लोकसभा चुनाव में टिकट से वंचित रहे रमेश बैस को त्रिपुरा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

शनिवार को राष्ट्रपति भवन से एक के बाद एक कई राज्यों के राज्यपाल का तबादला और नियुक्ति की गई। इस कड़ी में मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया। वहीं उनकी जगह पर बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन को राज्यपाल बनाया गया है। इसके अलावा जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल, फागू चौहान को बिहार के राज्यपाल, आरएन रवि को नागालैंड के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया है।

7 बार रायपुर सांसद रह चुके बैस ने बखूबी निभाई जिम्मेदारी - रमेश बैस

रायपुर के 7 बार सांसद रह चुके रमेश बैस को लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टिकट नहीं दी थी। लेकिन इसके पहले केंद्रीय मंत्री जिम्मेदारी उन्होंने बखूबी संभाली है। रमेश बैस 16वीं लोक सभा के सदस्य रह चुके हैं। बैस 1978 में रायपुर नगर निगम के लिए चुने गए थे। 1980 से 1984 तक मध्यप्रदेश विधान सभा के सदस्य भी थे।


वे 1989 में रायपुर, मध्यप्रदेश से 9वीं लोक सभा के लिए चुने गए थे और 11वीं, 12वीं, 13वीं, 14वीं, 15वीं और 16वीं लोक सभा में फिर से निर्वाचित हुए थे। रायपुर लोकसभा सीट पर हुए पिछले पांच चुनावों में भाजपा के रमेश बैस को जीत मिली है। बैस इस सीट पर अभी तक 7 बार सांसद रह चुके है। 1989 से 2009 तक हुए सात चुनावों में सिर्फ एक बार 1991 में कांग्रेस को सीट मिली थी।

अटल जी के राजनीति से सन्यास लेने के बाद संभाली लखनऊ की कमान - टंडन

लालजी टंडन का जन्म 12 अप्रैल 1935 को एक भारतीय वरिष्ठ राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं। वें लखनऊ से 15वीं लोक सभा (2009-2015) के सदस्य रह चुके हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने वाले टंडन प्रदेश की भाजपा सरकारों में मंत्री भी रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी। इन्होने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीति से संन्यास लेने के बाद लखनऊ की कमान संभाली 2009 में लोकसभा सांसद चुने गए थे।


2004 में लोक सभा के चुनाव की पूर्व संध्या पर अपने जन्म दिवस के अवसर पर साड़ी बांट रहे थे जिसमें भगड़र मच गई और 21 महिलाओं की मौत हो गई बाद में इन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया था। लालजी टंडन का राजनीतिक सफर साल 1960 में शुरू हुआ। मायावती और कल्याण सिंह की कैबिनेट में वह नगर विकास मंत्री रहे। कुछ वर्षों तक वह नेता प्रतिपक्ष भी रहे। लालजी टंडन ने जेपी आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। 21 अगस्त 2018 को इन्हें बिहार के राज्यपाल बनाया गया था।





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