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बंजर खेतों में आई जान, सब्सिडी वाली सौर सुजला योजना से लहलहाई फसलें

कोरबा। शासन की सौर सुजला योजना ने मेहनतकश किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है।

बंजर खेतों में आई जान, सब्सिडी वाली सौर सुजला योजना से लहलहाई फसलें
कोरबा। शासन की सौर सुजला योजना ने मेहनतकश किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। 98% तक सब्सिडी वाली इस योजना ने जिले के 936 किसानों के बंजर खेतों में हरियाली ला दी है। 10 से 20 हजार रुपए की अंशदान खर्च कर ढाई से 4 लाख रुपए तक की लागत वाली सौर ऊर्जा से संचालित सरफेस व सबमर्शिबल पंप से आज किसानों के खेतों लहलहा रहे हैं।
प्रदेश में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने सिंचाई सुविधा के लिए सौर सुजला योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के इस फ्लैक्सी योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत किसानों को 95 प्रतिशत से 98 प्रतिशत छूट के साथ खेतों में सिंचाई सुविधा के लिए सौर सोलर पंप दिया जाता है। ताकि किसान अपने नजदीकी जलस्त्रोत का पानी सबमर्शिबल पंप, सरफेस पंप के जरिए अपने खेतों व बाड़ी तक ले जा सकें। फसल की बेहतर पैदावार ले सकें। योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी एवं सामान्य वर्ग के लिए अनुदान का प्रावधान है। जिले में भी योजना के अंतर्गत 3 और 5 एचपी के सरफेस व सबमर्शिबल पंप की स्वीकृती दी जा रही है। क्रेडा को योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है। त्रिवर्षीय कार्ययोजना में जिले के 936 किसानों को योजना से लाभान्वित किया गया।

सबमर्सिबल पंप से अब ले रहा हूं साल में दो बार फसल

पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पाली निवासी बृजभन सिंह सौर सुजला से सबमर्शिबल पंप मिलने से बेहद हर्षित है। बृजभन सिंह ने बताया कि पूर्व में सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने की वजह से वह परेशान रहता था। लेकिन आज सौर सुजला योजना के जरिए उसे महज 15 से 20 हजार रुपए का अंशदान लगाकर 3 लाख रुपए से अधिक लागत की सोलर उर्जा से संचालित सबमर्शिबल पंप मिला है। बृजभन ने बताया कि अब वह साल में दो बार फसल रे रहा है। सरभोखा निवासी रामनारायण चौबे एवं जगलाल के चेहरे पर भी सौर सुजला ने मुस्कान बिखेर दी है।

मेरे खेतों को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मिल रहा पानी

पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के बुढ़ापारा में निवासरत किसान लक्ष्मण सिंह भी सौर सुजला से आज आर्थिक रुप से निर्भर बन गए हैं। लक्ष्मण को 3 एचपी का एसी सरफेस पंप दिया गया है। बेहद कम अंशदान में लाखों रुपए के सिंचाई पंप मिलने से लक्ष्मण आज न केवल धान की बल्कि मौसम अनुरुप अन्य फसल भी ले रहा है। लक्ष्मण के अनुसार सोलर पंप के क्रिन्यावयन एवं संचालन बेहद आसान है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक उसे सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा हैै। कोठीखर्रा निवासी रमेश कुमार साहू भी सौर सुजला से बारो माह फसल ले रहे हैं।

योजना में 98 प्रतिशत तक मिलता है अनुदान

सौर सुजला योजना के अंतर्गत 3 से 5 एचपी के सरफेस और सबमर्शिबल पंप दिए गए हैं। इनकी मशीन सहित कीमत ढाई से 4 लाख रूपए तक है। 3 हजार वॉट से भी अधिक की क्षमतायुक्त पंप के लिए किसानों को 95 से 98% तक अनुदान मिल रहा है। 48 सौ वॉट के 5 एचपी के एसी सबमर्सिबल पंप की कीमत 3 लाख 96 हजार 725 रूपए है। जबकि एसटी, एससी वर्ग को 5 हजार, ओबीसी को 9 हजार एवं सामान्य वर्ग को महज 16 हजार रूपए के अंशदान में यह पंप प्रदान किया जा रहा है।
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