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उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ा, सब्जी खेती से सालाना ढाई से 4 लाख कमा रहे किसान

किसानों का रूझान अब धान की खेती के अलावा उद्यानिकी फसल खासकर सब्जी, फल, मसाला और फूलों की ओर बढ़ रहा है।

उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ा, सब्जी खेती से सालाना ढाई से 4 लाख कमा रहे किसान

किसानों का रूझान अब धान की खेती के अलावा उद्यानिकी फसल खासकर सब्जी, फल, मसाला और फूलों की ओर बढ़ रहा है। जिले में पिछले साल की तुलना में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन और रकबा दोनों बढ़ा है। क्षेत्र के अधिकतर किसान अपने खेतों में सब्जियां उगाकर सालाना ढाई लाख से 4 लाख रुपए कमा आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं।

छुरा विकासखण्ड के ग्राम हरदी के किसान योगेश्वर सिन्हा पिछले 5 साल से सब्जी की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शासन के उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सहयोग से मात्र सवा 2 एकड़ जमीन पर वे टमाटर, बरबट्टी, भिंडी व खीरा की फसल बोते हैं। जिससे उन्हें प्रतिमाह 35-40 हजार रूपए की आमदनी हो रही है।
इसी तरह 42 साल के ग्रेजुएट किसान योगेश्वर ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में 2 एचपी का ट्यूबेल लगाया है जिसमें ड्रीप सिस्टम से सिंचाई की जाती है। सब्जी मुनाफा से उन्होंने एक ट्रेक्टर, रोटोवेटर भी खरीद लिया है, उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग के सहयोग से उनका
हौसला बढ़ा है और अब वे केला की फसल
लगाना चाहते हैं।

5 एकड़ सब्जी की खेती, 10 एकड़ धान की खेती से अच्छी

गरियाबंद में फिंगेश्वर विकासखण्ड के 35 वर्षीय तोरण लाल पिछले साल से धान की खेती छोड़कर सब्जी भाजी की खेती कर रहे हैं। वे अपने लगभग 5 एकड़ खेत में बरबट्टी, टमाटर,करेला व भिंडी बो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी खर्च काटकर 1 साल में ही लगभग ढाई से तीन लाख रूपए की आमदनी हुई है। वे कहते हैं कि 5 एकड़ में सब्जी की खेती 10 एकड़ में धान की खेती करने से बेहतर है।

टमाटर की खेती से मालामाल हुए योगेश्वर

तोरण लाल की तरह योगेश्वर ने भी धान की खेती को छोड़कर सब्जियां उगाने फैसला किया। उन्होंने भी बरबट्टी,खीरा भिंडी, करेला और टमाटर की खेती है। सब्जी की खेती से इन्हें सालाना खर्च काटकर ढाई लाख से 4 लाख रूपए तक का मुनाफा हो रहा है। योगेश्वर ने सबसे अिधक मुनाफा टमाटर की फसल से कमाया।

उत्पादन और उद्यानिकी फसल रकबा दोनों बढ़ा

पिछले साल 2017-18 में उद्यानिकी फसलों का रकबा 4512 हेक्टेयर था। उद्यानिकी फसल की सफलता के चलते यह रकबा बढ़कर 4913 हेक्टेयर हो गया है। उत्पादन भी बढ़कर 50,897 मीट्रिक टन से बढ़कर 52,343 मीट्रिक टन हो गया है। खासकर टमाटर की खेती का रकबा 20 हेक्टेयर बढ़कर 170 हेक्टेयर हो गया है। वहीं सब्जियों का रकबा 2760 हेक्टेयर, फलों का 1368 हेक्टेयर, मसालों का 690 हेक्टेयर एवं फूलों का रकबा 55 से 75 हेक्टेयर हो गया है।
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