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सरकार की 'पारदर्शिता' पर डॉ रमन सिंह ने उठाये गंभीर सवाल, बोले- पहले DMF के 700 करोड़ का हिसाब दीजिए, मजदूरों के लिए रखे गए 400 करोड़ का क्या हुआ...?

सीएम भूपेश बघेल ने सरकार की पारदर्शिता को लेकर एक ट्वीट किया. सीएम के ट्वीट के बाद पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने भी सरकार के पारदर्शिता का बखान किया. साथ ही पीएम केयर्स की राशि को लेकर भी गंभीर टिप्पणी किया. इसके बाद पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह से रहा नहीं गया. डॉ रमन सिंह ने सरकार की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाये हैं.

सरकार की पारदर्शिता पर डॉ रमन सिंह ने उठाये गंभीर सवाल, बोले- पहले DMF के 700 करोड़ का हिसाब दीजिए, मजदूरों के लिए रखे गए 400 करोड़ का क्या हुआ...?
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रायपुर. सीएम भूपेश बघेल ने सरकार की पारदर्शिता को लेकर एक ट्वीट किया. सीएम के ट्वीट के बाद पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने भी सरकार के पारदर्शिता का बखान किया. साथ ही पीएम केयर्स की राशि को लेकर भी गंभीर टिप्पणी किया. इसके बाद पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह से रहा नहीं गया. डॉ रमन सिंह ने सरकार की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाये हैं.

मोहम मरकाम की टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह ने पलटवार करते हुए अपने बयान में कहा कि सरकार पहले डीएमएफ के 700 करोड़ रूपए का हिसाब दे. मजदूरों के लिए रखे गए 400 करोड़ रूपए की राशि का क्या हुआ? यह कब उनके खाते में डाली जाएगी. अलग-अलग पीएसयू के जरिए जो छह-सात सौ करोड़ रूपए मिले हैं. उसका हिसाब कहां है. तीन-चार हजार करोड़ रूपए का फंड सरकार के पास है, लेकिन कोरोना संकट से निपटने के लिए केंद्र की मंजूरी के बाद भी सरकार ने इसका इस्तेमाल नहीं किया है. इधर जितना कर्ज हमने 15 सालों में नहीं लिया, उससे ज्यादा कर्जा इस सरकार ने ले लिया है. ये छत्तीसगढ़ को दिवालिया कर देंगे.

बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरोना आपदा के बीच मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान की गई राशि का हिसाब दिया. उन्होंने ट्वीट कर दानदाताओं से मिली राशि का खुलासा किया. अपने ट्वीट के जरिए भूपेश बघेल ने बताया कि अब तक सहायता कोष में 56 करोड़ 4 लाख 815 रूपए मिले हैं. यह राशि 24 मार्च से 7 मई तक के बीच प्राप्त हुई है. उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में यह बताया कि कोरोना की रोकथाम एवं जरूरतमंदों की सहायता के लिए राज्य के सभी जिलों को 10 करोड़ 25 लाख 30 हजार रूपए जारी किए जा चुके हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय सरकार पर इतना भरोसा सबने जताया है, तो पारदर्शिता बरकरार रखना मेरा कर्तव्य है. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि विश्वास है कि आपका सहयोग आगे भी मिलेगा. भूपेश बघेल के ट्वीट पर साझा की गई जानकारी के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पीएम केयर्स में मिले दान पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री दान में मिली प्रत्येक राशि का हिसाब दे रहे हैं, लेकिन पीएम केयर्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही. मरकाम ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस सरकार का मतलब पारदर्शिता है.

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