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छत्तीसगढ़: स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज करने आपस में उलझ रहे डॉक्टर्स

राज्य सरकार की फ्री इलाज स्मार्ट कार्ड की पॉलिसी और नियम-शर्तों पर डाक्टरों में घमासान तेज होता जा रहा है। एक ओर जहां कुछ डॉक्टर इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं वहीं कुछ डॉक्टर्स सरकार के नियम-शर्तों पर काम करने को तैयार हैं।

छत्तीसगढ़: स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज करने आपस में उलझ रहे डॉक्टर्स

राज्य सरकार की फ्री इलाज स्मार्ट कार्ड की पॉलिसी और नियम-शर्तों पर डाक्टरों में घमासान तेज होता जा रहा है। एक ओर जहां कुछ डॉक्टर इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं वहीं कुछ डॉक्टर्स सरकार के नियम-शर्तों पर काम करने को तैयार हैं। वहीं पिछले कई दिनों से डाक्टरों के वाट्सएप ग्रुप में इलाज के सिस्टम को लेकर डाक्टरों के बीच जमकर खींचतान चल रही है।

इस वजह से कई नर्सिंग होम और प्राइवेट अस्पतालों में अभी भी डाक्टर स्मार्ट कार्ड लागू करने से हिचक रहे हैं। जिसकी वजह से स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज शुरू नहीं होने से जितने मरीज परेशान हो रहे हैं, उतने ही दूरस्थ इलाकों के डाक्टर भी। फ्री इलाज बंद करने का खासा असर कस्बों और शहरों के छोटे व मंझोले प्राइवेट अस्पतालों में पड़ा है।

ग्रामीण इलाकों और कस्बों के लोग स्मार्ट कार्ड से ही इलाज करा रहे थे अब प्राइवेट अस्पताल में संचालकों का स्मार्ट कार्ड से इलाज बंद करने के कारण मरीज सीधे अंबेडकर अस्पताल आ रहे हैं।

बता दें सितंबर माह में स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज की स्कीम को बदलकर आयुष्मान भारत योजना लांच की गई। उसी समय से डाक्टर स्कीम के विरोध में उतर गए हैं। डाक्टरों का कहना है कि कई गंभीर बीमारियों के पैकेज में कटौती कर दी गई है।

आयुष्मान ने जिस बीमा कंपनी को अधिकृत किया है, उसका स्टाफ गलत तरीके से स्क्रीनिंग कर रहा है। किसी भी मरीज का इलाज होने के बाद जांच के नाम पर ऐसी ऐसी जानकारी मांगी जाती है, जिसे देना संभव नहीं रहता। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ बीमारियों के पैकेज में संशोधन की जरूरत है। आयुष्मान के लिए अनुबंधित बीमा कंपनी के स्टाफ के बर्ताव को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं।

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