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महीने भर की रेकी के बाद पकड़ा गया ठगी का आरोपी

क्राइम ब्रांच पुलिस ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से करोड़ों की ठगी करने के आरोपी अजीत सिंह उर्फ धर्मेंद्र कुमार को क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद दूसरे प्रयास में दिल्ली में धर दबोचा।

महीने भर की रेकी के बाद पकड़ा गया ठगी का आरोपी
क्राइम ब्रांच पुलिस ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से करोड़ों की ठगी करने के आरोपी अजीत सिंह उर्फ धर्मेंद्र कुमार को क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद दूसरे प्रयास में दिल्ली में धर दबोचा। क्राइम ब्रांच के साथ गोबरा नवापारा थाने की पांच पुलिसकर्मियों की टीम ने दिल्ली की गलियों में खाक छानने के बाद ठग को गिरफ्तार किया।
जानकारी के मुताबिक पुलिस आरोपी को पकड़ने दिल्ली गई थी। वहां पुलिस को ठग के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं मिल पाई। दिल्ली गई पुलिस को तब ठग की वेबसाइट बनाने वाले की जानकारी मिल गई थी। पुलिस ने वेबसाइट बनाने वाले से संपर्क कर साइट बनवाने वाले की जानकारी हासिल की।
पुलिस को जो जानकारी हाथ लगी, उसमें ठग ने फर्जी आईडी के माध्यम से अपनी वेबसाइट जनरेट कराई थी। इसके बाद पुलिस दिल्ली से लौट आई और वेबसाइट बनाने वाले के लगातार संपर्क में रही। आरोपी को पकड़ने क्राइम ब्रांच एसआई राजेंद्र कंवर के नेतृत्व में टीम दिल्ली गई है। इसी मामले के दो अन्य आरोपी को पकड़ने फिलहाल पुलिस दिल्ली में रुकी हुई है।

ऐसे कसा शिकंजा

जानकारी के मुताबिक वेबसाइट बनवाने वाला ठग वेबसाइट जनरेट करने वाले से मिलना चाहता था। इसकी जानकारी वेबसाइट बनाने वाले ने पुलिस को दी, उसके बाद पुलिस एक बार फिर दिल्ली गई। बताया जा रहा है, वेबसाइट बनाने वाले के पास जब ठग मिलने पहुंचा, तब उसने पुलिस को इशारा कर दिया।

ऐसे मिला वेबसाइट बनाने वाला

कोई व्यक्ति अगर किसी से वेबसाइट बनवाता है, तो उसमें वेबसाइट बनाने वाले की डिटेल रहती है। पुलिस उसी डिटेल के आधार पर वेबसाइट बनाने वाले के पास पहुंची। बताया जा रहा है, वेबसाइट बनाने वाला पहले तो पुलिस को मदद करने में असहज दिख रहा था। उसे लग रहा था कि वह भी कानूनी उलझनों में फंस सकता है। इसके बाद पुलिस वेबसाइट बनाने वाले के पास जाकर निरंतर मेल मुलाकात करने लगी और उससे दोस्ती कर ठग के बारे में जानकारी जुटाई।

एक हजार से ज्यादा लोगों के साथ ठगी

ठग के कब्जे से पुलिस ने जो दस्तावेज जब्त किए हैं, उसमें एक हजार से ज्यादा लोगों के साथ ठगी करने की बात सामने आई है। ज्यादातर पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तरप्रदेश के लोग ठगी के शिकार हुए हैं। धर्मेंद्र पुलिस की गिरफ्त से बचने हर तीन माह में वेबसाइट ब्लाक कर नई वेबसाइट जनरेट कराता था।

10 बाई 12 की खोली में ठगी की दुकान

उत्तरप्रदेश, गाजियाबाद में धर्मेंद्र 10 बाई 12 की खोली में किराए से अपनी पत्नी के साथ रहता है। उसकी पत्नी रेलवे विभाग में नौकरी करती है। बताया जा रहा है, ठग गाजियाबाद और नोयडा से ठगी की दुकान संचालित कर रहा था। गाजियाबाद की उसी खोली से पुलिस ने ठग के कब्जे से दस्तावेज जब्त किए हैं।
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