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आरक्षक की मौत का खुला राज, पत्नी और सांस की प्रताड़ना से तंग आकर की थी आत्महत्या

सिविल लाइन में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक की आत्महत्या के 11 महीने बाद चौकाने वाला खुलासा हुआ है।

आरक्षक की मौत का खुला राज, पत्नी और सांस की प्रताड़ना से तंग आकर की थी आत्महत्या

रायपुर। सिविल लाइन में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक की आत्महत्या के 11 महीने बाद चौकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच कर रही थी लेकिन इस दौरान पुलिस के सामने कुछ ऐसे चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं जिसके बाद गुरुवार को नए सिरे केस दर्ज कर मामले की जांच करना शुरू कर दी है। आरक्षक की आत्महत्या मामले में कोतवाली पुलिस ने मृतक की पत्नी, सास-ससुर के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का जुर्म दर्ज कर लिया है।

कोतवाली थाना प्रभारी आरके मिश्रा ने पत्रकारों को बताया 11 महीने पहले 16-17 सितंबर 2018 की दरम्यानी रात में सिपाही लोक प्रताप सिंह ठाकुर की लाश सिविल लाइन स्थित आवास पर फंदे पर लटकी हुई मिली थी। पुलिस ने मृतक के शव के पास से सुसाइड नोट भी बरामद किया था। जिसमें सिपाही ने अपना दर्द बयां किया था। इसमें पत्नी सावित्री ठाकुर, सास-ससुर की प्रताड़ना से तंग होकर खुदकुशी करने की बात लिखी गई थी। पुलिस ने मृतक सिपाही के परिजनों और गवाहों का बयान दर्ज करने के साथ परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर तीनों पर लगाए गए आरोप को सही पाया। इसके बाद मामले में धारा 306 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया।

इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी यातायात मुख्यालय में पदस्थ सिपाही नंदकिशोर साहू ने भी अपना बयान दर्ज कराया है। साहू ने पुलिस को अपने बयान में बताया था कि 17 सितंबर की सुबह सवा नौ बजे सिपाही लोक प्रताप की पत्नी सावित्री ठाकुर ने नंदकिशोर को मायके से फोन कर बताया कि उसका पति फोन नहीं उठा रहा है। इसके बाद नंद किशोर जब घर पहुंचा तो दरवाजे में ताला लगा था। पड़ोस के लोगों के साथ वह दीवाल फांदकर कमरे में घुसा तो लोक प्रताप परदे के कपड़े का फंदा बनाकर पंखे से लटका हुआ था।

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