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सवर्ण आरक्षण छत्तीसगढ़ में भी लागू करने की पहला का कांग्रेस ने किया स्वागत

आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्गों (सवर्ण आरक्षण) के लोगों को छत्तीसगढ़ में भी आरक्षण दिये जाने के सरकार की तैयारी का कांग्रेस ने स्वागत किया है।

सवर्ण आरक्षण छत्तीसगढ़ में भी लागू करने की पहला का कांग्रेस ने किया स्वागत

आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्गों (सवर्ण आरक्षण) के लोगों को छत्तीसगढ़ में भी आरक्षण दिये जाने के सरकार की तैयारी का कांग्रेस ने स्वागत किया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि कांग्रेस ने सवर्ण आरक्षण के बिल का संसद में भी समर्थन किया था और अब छत्तीसगढ़ में लागू किये जाने का परीक्षण करवा रही है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने भी सवर्ण आरक्षण को छत्तीसगढ़ में भी लागू किये जाने की बात कही है। भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा द्वारा कांग्रेस सरकार के इस फैसले पर की जा रही बयानबाजी का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है।
उन्होंने भाजपा से सवाल किए कि यदि छत्तीसगढ़ सरकार इस आरक्षण को लागू करने जा रही है, तो इसमें उन्हें पीड़ा क्यों हो रही है। भाजपा यह भी बताए कि छत्तीसगढ़ में इस आरक्षण को लागू किये जाने का विरोध करती है या समर्थन।
शुक्ला ने कहा है कि भाजपा के बयान से इस आरक्षण को लेकर उनकी नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। भाजपा इस आरक्षण को सिर्फ चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। उनका इरादा युवाओं को रोजगार और नौकरियां देना है ही नहीं। युवाओं को हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वायदा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह असफल साबित हुये। मोदी सरकार के अदूरदर्शी फैसलों नोटबंदी और जीएसटी के कारण करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया। अब लोकसभा चुनाव सामने देखकर एक बार फिर मोदी सरकार युवाओं को आरक्षण का झुनझुना पकड़ा रही है।
सरोज के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय द्वारा दिए गए बयान पर जब राम चाहेंगे राम मंदिर बन जायेगा, कांग्रेस ने इस पर कड़ा प्रतिवाद किया है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा महामंत्री के बयान से भाजपा की राम मंदिर निर्माण पर बदनीयती सामने आयी है। राम मंदिर के नाम पर दो सांसदों से पूर्ण बहुमत तक पहुंचने वाली भाजपा अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनाना ही नहीं चाहती। वह राम मंदिर को सिर्फ चुनावी मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर हिंदुओं का भावनात्मक शोषण करना चाहती है।
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