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कलेक्टर ओपी चौधरी इस्तीफे की खबर के बाद कांग्रेस अक्रामक

रायपुर/ कांग्रेस शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस और प्रदेश की जनता भी पर्दे के पीछे से भाजपा की मदद करने वाले अधिकारियों को बखूबी जानती और पहचानती है

कलेक्टर ओपी चौधरी इस्तीफे की खबर के बाद कांग्रेस अक्रामक
रायपुर/ कांग्रेस शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस और प्रदेश की जनता भी पर्दे के पीछे से भाजपा की मदद करने वाले अधिकारियों को बखूबी जानती और पहचानती है ऐसे अधिकारियों को कांग्रेस चुनौती देती है कि वह चाहे पर्दे के पीछे रहे या सामने आकर चुनाव लड़ें, इस बार राज्य की जनता ने भाजपा और भाजपा के सारे सहयोगियों का पटिया साफ करने का मन बना लिया है। कलेक्टर ओपी चौधरी के सरकारी नौकरी छोड़कर भाजपा से चुनाव लड़ने के विगत एक सप्ताह से विभिन्न समाचार माध्यमों में आ रहे समाचारों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि ओपी चौधरी तय कर लें कि वे कलेक्टरी करेंगे या चुनाव लड़ेंगे 2 माह बाद राज्य में चुनाव होने हैं और कलेक्टर के पद का व्यक्ति चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका में होता है। लगातार आ रहे भाजपा प्रवेश के समाचारों का ओपी चौधरी ने आज दिनांक तक कोई स्पष्ट खंडन नहीं किया है।
जब ओपी चौधरी की राजनीतिक निष्ठा उजागर हो चुकी है तो उन्हें कलेक्टर के पद पर रहकर काम करने का कोई अधिकार नहीं है। कलेक्टर के पद पर रहकर ओपी चौधरी अपने पद से जुड़े दायित्वों के साथ न्याय भी नहीं कर पाएंगे शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मांग की है कि ओपी चौधरी के राजनीतिक रुझान को देखते हुए उन्हें तत्काल रायपुर कलेक्टर के पद से हटाया जाए ताकि निष्पक्ष निर्वाचन संपन्न हो सके। ऐसे भाजपाई अधिकारी यदि चुनाव लड़ेंगे तो परिणाम ऐसे अफसरों की हार के ही रूप में सामने आएगा। यदि इन फूल छाप अधिकारियों में साहस हो तो उनको चुनाव मैदान में उतरने से झिझकना नहीं चाहिए। छत्तीसगढ़ की जनता और गरीब, मजदूर, किसानों की ताकत के बल पर और अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत से कांग्रेस ऐसे अफसरों को उनकी जगह दिखा देगी, उनकी सही जगह पहुंचा देगी।
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