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SRP कल्लूरी की नियुक्ति को लेकर गरमाई सियासत, पूर्व सीएम रमन सिंह ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

विवादों में घिरे आईपीएस अफसर एसआरपी कल्लूरी को ईओडब्ल्यू और एसीबी जैसी अहम जिम्मेदारी दिए जाने के मामले को लेकर सियासी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है

SRP कल्लूरी की नियुक्ति को लेकर गरमाई सियासत, पूर्व सीएम रमन सिंह ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
विवादों में घिरे आईपीएस अफसर एसआरपी कल्लूरी को ईओडब्ल्यू और एसीबी जैसी अहम जिम्मेदारी दिए जाने के मामले को लेकर सियासी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। कल्लूरी को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने के मामले को लेकर पूर्व सीएम रमन सिंह ने कांग्रेस पर ​तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आज सदन की कर्यावाही के बाद मीडिया से रूबरू होकर कहा कि जो सरकार आईपीएस कल्लूरी के कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़ा करती रही, वो ही अब उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंप रही है।
पूर्व सीएम रमन सिंह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए का ही ये अनोखी सरकार है। सरकार का टीम वर्क बिखर कर सामने आ गया है। कांग्रेस के नेताओं ने जिस एयआरपी कल्लूरी पर न जाने क्या-क्या कहा? कैसे-कैसे कमेंट किए? उन्हें ही अब अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई है। हमारी सरकार के वक्त कल्लूरी को हटाने के पीछे की वजह से क्या कांग्रेस सहमत नहीं थी? उन कारणों को लेकर क्या सहमत नहीं थे? आज सरकार का दायित्व है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के बीच मतभेद होंगे, तो सरकार कैसे चलेगी। प्रदेश के गृहमंत्री को नहीं मालूम कि उनकी जानकारी के बिना किसी भी अधिकारी की नियुक्ति नहीं होती।
गौरतलब है कि ततलिन बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी अपने कार्यकाल के दौरान विवादों में घिरे रहे। कल्लूरी पर नक्सलियों के नाम पर फर्जी आत्मसमर्पण कराए जाने से लेकर फर्जी इनकाउंटर कराए जाने जैसे गंभीर आरोप भी कांग्रेस लगाती रही है। कल्लूरी की विवादित छवि को लेकर देशभर में मचे हंगामे के बाद ही पिछली सरकार ने उन्हें बस्तर आईजी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया था।
आईपीएस अधिकारी एसआरपी कल्लूरी की नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि कुछ फैसले सामान्य प्रशासन विभाग के होते हैं, इसमें गृह विभाग का हस्तक्षेप नहीं होता। एसआरपी कल्लूरी की नियुक्ति भले ही गृह विभाग के अधीन हुई हो, लेकिन अखिल भारतीय सेवा स्तर के अधिकारियों के तबादले की मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर किए जाते हैं। यही वजह है कि कल्लूरी की नियुक्ति पर गृहमंत्री से रायशुमारी नहीं हुई।
एसआरपी कल्लूरी की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपनी ही दलील है। उन्होंने कहा है कि सवाल घोड़े और घुड़सवार का है। रमन सिंह अधिकारियों के भरोसे चलते थे और अधिकारियों से कैसा काम लिया जाता है, यह हम लोगों को बेहतर आता है। ये बात वो अच्छे ढंग से समझ लें। 15 साल तक चंद मुठ्ठी भर लोगों के साथ सरकार चलाते रहें, लेकिन वह सब इस सरकार में नहीं होगा।
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