Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

छत्तीसगढ़: सीएम भूपेश बघेल का बड़ा ऐलान- नक्सलियों से नहीं, पीड़ितों से करेंगे बात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा कि मैंने कभी भी नक्सलियों से वार्ता करने की बात नहीं कही है। मैं नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित पक्षों, पत्रकार, व्यापारियों, जवानों और नक्सल समस्या को करीब से देखने वाले बुद्धिजीवियों से चर्चा कर समस्या का हल निकालने की बात कही थी।

छत्तीसगढ़: सीएम भूपेश बघेल का बड़ा ऐलान- नक्सलियों से नहीं, पीड़ितों से करेंगे बात
X

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा कि मैंने कभी भी नक्सलियों से वार्ता करने की बात नहीं कही है। मैं नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित पक्षों, पत्रकार, व्यापारियों, जवानों और नक्सल समस्या को करीब से देखने वाले बुद्धिजीवियों से चर्चा कर समस्या का हल निकालने की बात कही थी।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बुधवार की सुबह सर्किट हाऊस में पत्रवार्ता में यह बात कही। उन्होंने झीरम कांड के एसआईटी जांच के विषय में कहा कि एनआईए ने जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी है। पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जैसे ही रिकार्ड उपलब्ध हो जाएगा, उसके बाद एसआईटी जांच शुरू हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण के विषय में बड़ा फैसला सुनाते कहा कि अभी तक मुख्यमंत्री इसके अध्यक्ष हुआ करते थे अब इन दोनों प्राधिकरण में मुख्यमंत्री की जगह अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद पर आदिवासी विधायक होंगे और क्षेत्र विकास का निर्णय लेंगे।

उन्होंने कहा कि आदिवासी विकास मंत्रणा समिति का भी पुर्नगठन करने का नर्णिय लिया गया है। पहले 5 साल में एक बैठक कर खानापूर्ति की जाती थी अब हर तीन महीने में बैठक होगी।भूपेश बघेल ने कहा कि तेन्दूपत्ता की दर प्रतिमानक बोरा 2500 से बढ़ाकर 4000 रुपए किया गया है।

इससे वनवासी संग्राहकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पट्टा में 4 लाख लोगों को अपात्र माना गया है इसकी समीक्षा कर रहे हैं। 13 दिसंबर 2005 के पहले जो काबिज है और तीन पीढ़ी से रह रहे तथा 75 साल से निवासरत हैं ऐसे लोगों को पट्टा मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बस्तर में बढ़ती बेरोजगारी और काम के अभाव में राह से भटकने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि सरकारी और उद्योग में नौकरी, निर्माण कार्यों में ठेकेदारी सभी में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

पत्रवार्ता में उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक रेखचंद जैन, लखेश्वर बघेल, दीपक बैज, वक्रिम शाह मंडावी, अनुप नाग, महापौर जतीन जायसवाल समेत अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।

ग्रामसभा में होगा फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। छोटे-बड़े फैसले ग्रामसभा में लिए जाएंगे। पेसा कानून के विषय में अधिकारियों द्वारा अफवाह फैलाकर भ्रम फैलाने की स्थिति निर्मित की गई और कई निर्णय लिए गए।

इसमें टाटा स्टील प्लांट का मामला भी शामिल है। जहां बंदूक की नोक पर प्रभावितों से जमीन ली गई और सरपंच, सचिव पर दबाव बनाकर फर्जी ग्रामसभा की गई अब ऐसा नहीं होगा।

जेल से रिहा होंगे निर्दोष

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के विरूद्ध फर्जी मामले दर्जकर जेल में डाला गया। ऐसे सभी मामलों की समीक्षा की जाएगी और निर्दोष लोगों को रिहा करेंगे। जो शासन स्तर के प्रकरण होंगे उसे भी वापस लिया जाएगा। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल के लोग चाहे किसी पार्टी के हो यदि उनके खिलाफ अन्याय हुआ होगा तो ऐसे प्रकरणों पर भी जांच के बाद राहत दी जाएगी।

पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने वाला पहला राज्य होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल समस्या के नाम पर बस्तर के कई पत्रकारों पर भी अत्याचार हुए। उन्हें जेल जाना पड़ा और कोर्ट के मामले में काफी परेशान होना पड़ा। देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ होगा, जहां पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की पहल शुरू हो गई है। इसमें राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार संघ के अलावा न्यायाधीश और बस्तर के भी लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इससे मीडिया कर्मी निष्पक्ष होकर अपनी बात कह सकेंगे।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story