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आज से ​सरकारी प्रपत्रों पर नहीं दिखेंगे पं. दीनदयाल उपाध्याय, सीमए भूपेश का फैसला

सरकारी प्रपत्रों से पं. दीनदयाल का चित्र हटाए जाने की बात पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की फोटो लेकर मंत्रिमंडल के सदस्यों ने आज चर्चा करूंगा।

आज से ​सरकारी प्रपत्रों पर नहीं दिखेंगे पं. दीनदयाल उपाध्याय, सीमए भूपेश का फैसला

लेटर पेड पर लगी पं. दीनदयाल उपाध्याय की फोटो को लेकर चल रही गहमा गहमी अब खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि लेटर पेड पर पं. उपाध्याय जी की फोटो इसलिए लगाई गई थी कि क्योंकि शताब्दी वर्ष मना रहे थे। अब जबकि एक वर्ष पूरा हो गया है इसलिए पेड से फोटो हटाने का निर्णय लिया गया है। आज से लेटर पेड से पं. उपाध्याय जी की फोटो हटा दी जाएगी।

कुछ देर पहले ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि सरकारी प्रपत्रों से पं. दीनदयाल का फोटो हटाए जाने पर मंत्रिमंडल के सदस्यों ने आज चर्चा करूंगा। उसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि पं. दीनदयाल जी का फोटो हटाया जाए या नहीं।

वहीं भाजपा के सच्चिदानंद उपासने कहा कि अगर प्रदेश सरकार पं. दीनदयाल जी की फोटो हटाती है तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी।

बता दें शासकीय प्रपत्रों से भाजपा के पितृ पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र को हटाने के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आपत्ति जताई है। इस फैसले को उन्होंने पूरी तरह से द्वेषपूर्ण बताया।
डॉ. सिंह ने कहा कि सबसे पहले शासकीय पत्रों से पंडित दीनदयाल के चित्र को हटाने का फैसला सबसे पहले राजस्थान सरकार ने लिया है। संभवत: जल्द ही प्रदेश सरकार भी इस तरह का फैसला लेने वाली है जो पूरी तरह से गलत है।
उन्होंने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय देश के महान चिंतक थे। उनकी सोच सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली थी। आज वर्तमान परिस्थिति में सभी वर्ग और समुदाय के लिए उनकी सोच प्रेरणा का काम करती है। इसके बाद भी अगर सरकार बदलते ही सरकारी पत्रों से उनकी तस्वीर हटाना दुखद है।
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