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भूपेश ने कुछ यूं किया निवेदन मान गए राहुल !, गुरु और साथियों के बीच मर्रा स्कूल पहुंचे सीएम

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक और सादगी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुग्ध हो गए। हुआ यूं कि लोकसभा की तैयारियों के लिए बुलाई गई हाईप्रोफाइल बैठक से पहले भूपेश बघेल ने राहुल गांधी से गुजारिश की कि संभव हो तो छत्तीसगढ़ से संबंधित तैयारियों का जायजा पहले ले लिया जाए ताकि मैं पर्वू निर्धारति कार्यक्रम में अपने चुनाव क्षेत्र के मर्रा गांव पहुंच सकूं! रकाबगंज स्थित कांग्रेस वॉर रूम में समय पहले पहुंच गए।

भूपेश ने कुछ यूं किया निवेदन मान गए राहुल !, गुरु और साथियों के बीच मर्रा स्कूल पहुंचे सीएम
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक और सादगी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुग्ध हो गए। हुआ यूं कि लोकसभा की तैयारियों के लिए बुलाई गई हाईप्रोफाइल बैठक से पहले भूपेश बघेल ने राहुल गांधी से गुजारिश की कि संभव हो तो छत्तीसगढ़ से संबंधित तैयारियों का जायजा पहले ले लिया जाए ताकि मैं पर्वू निर्धारति कार्यक्रम में अपने चुनाव क्षेत्र के मर्रा गांव पहुंच सकूं! रकाबगंज स्थित कांग्रेस वॉर रूम में समय पहले पहुंच गए।
मुख्यमंत्री के मन में कहीं न कहीं स्कूल के गुरुओं और साथियों के साथ मुलाकात के कार्यक्रम में शामिल होने की उत्कंठा थी, लेकिन पार्टी अध्यक्ष की अध्यक्षता में पीसीसी और सीएलपी नेताओं के साथ बैठक भी उतनी ही महत्वपूर्ण थी।
मुख्यमंत्री ने बीच का रास्ता ​अपनाते हुए मन की उलझन को पार्टी अध्यक्ष के सामने रख दिया। राहुल गांधी ने भी सबसे पहले भूपेश बघेल को बोलने और सभी 11 लोकसभा सीटें जीतने की तैयारिेयों का फार्मूला देने को कहा।
बस फिर क्या था, पूरी तैयारी के साथ बैठक में गए मुख्यमंत्री ने तकरीबन 40 मिनट में बूथ स्तर से लेकर प्रदेशर् स्तर तक सांगठनिक तैयारियों की महीन जानकारी दी। सभी लोकसभा सीटों के जीत के लिए अलग-अलग रणनीति की लिखित जानकारी राहुल गांधी के समझ रख दी।
कुछ सवाल-जवाब हुए और भूपेश बघेल को डेढ़ घंटे के बाद राहुल गांधी ने कहा- आप अपने कार्यक्रम में जाएं। आनन-फानन में मुख्यमंत्री रकाबगंज से सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। सर्विस फ्लाइट लकर रायपुर के लिए निकले और तय समय पर अपने क्षेत्र के मर्रा गावं स्थित उस विद्यालय में पहुंचे जहां से उन्होंने शिक्षा ग्रहण की थी। वहां पहुंचकर उन्होंने अपने गुरुजनों से आशीर्वाद लिया। इसी कार्यक्रम के लिए उन्होंने राहुल गांधी से इजाजत मांगी थी।

ऐसा पहली बार
ऐसा पहली बार था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ उनका कोई स्टाफ नहीं था। आम यात्रियों के मानिंद मुख्यमंत्री बिल्कुल अकेले ही एयरपोटै से निकले। इसके बाद बैठक स्थल के लिए रवाना हुए थे। आमतौर पर दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री का पूरा स्टाफ होता है।
सर्विस फ्लाइट से आए
हालांकि विद्यालय के कार्यक्रम में शिरकत करने के उद्देश्य से ही मुख्यमंत्री ने दिल्ली की बैठक में भाग लेने के लिए राजकीय विमान सेवा से उड़ान भरने की ठानी थी। किसी कारणवश अंतिम समय में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ सर्विस-फ्लाइट का टिकट लेकर दिल्ली की ओर कूच किया। सिंहदेव अपने निजी कार्य से दिल्ली प्रवास पर आए थे।
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