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मुख्यमंत्री भूपेश ने छोड़े तीखे तीर, बोले- भाजपा के खिलाफ बोलना धर्मद्रोही, केंद्र से कहा तो देशद्रोही

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांधी विचार पदयात्रा की सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने कभी आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे हमें राष्ट्रवाद का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश ने छोड़े तीखे तीर, बोले- भाजपा के खिलाफ बोलना धर्मद्रोही, केंद्र से कहा तो देशद्रोही

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांधी विचार पदयात्रा की सभा को संबोधित करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने कभी आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे हमें राष्ट्रवाद का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। उनका राष्ट्रवाद गांधी का राष्ट्रवाद नहीं है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रवाद और देश के राष्ट्रवाद में अंतर है। जो इससे असहमति प्रकट करता है, उसे देशद्रोही करार दिया जाता है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को रायपुर पहुंची गांधी विचार पदयात्रा के दौरान डूंडा में हुई सभा के दौरान कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ बोलने पर देशद्रोही और भाजपा के खिलाफ बोलने पर धर्मद्रोही मानते हैं। उनका राष्ट्रवाद, देश का न होकर मुसोलिनी और हिटलर का राष्ट्रवाद है। उन्होंने कहा कि गांधी के राष्ट्रवाद में हर वर्ग के लिए जगह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता.कार्यकर्ता पदयात्रा निकालकर गांधीजी के विचार को जन.जन तक पहुंचाने में लगे हैं। दूसरी ओर गांव-गांव में यह चर्चा हो रही है कि कौन राष्ट्रवादी है और कौन नहीं।

यह भी चर्चा है कि कौन लोग आजादी की लड़ाई में शामिल हुए और कौन नहीं, लेकिन यहां विडंबना यह है कि जिन्होंने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे लोग उसका सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर प्रदेश कांग्रेस की गांधी विचार पदयात्रा 4 अक्टूबर को कंडेल से शुरू हुई, जो बुधवार को सेजबहार पहुंची। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में डूंडा से पदयात्रा में मंत्री ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, डा. शिवकुमार डहरिया, विधायक मोहन मरकाम, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, अनिता शर्मा, शकुंतला साहू, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, महापौर प्रमोद दुबे, दिल्ली से आए कांग्रेस नेता चंदन यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने पदयात्रियों का स्वागत किया।

बारिश में भीगते 10 किमी पैदल चले मुख्यमंत्री

पदयात्रा डूंडा, संतोषी नगर, संजयनगर, कालीबाड़ी होते हुए गांधी मैदान पहुंची। इस दौरान हल्की-फुल्की बारिश के बीच 8 से 10 किमी की दूरी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बगैर रुके पैदल तय की। इससे पहले सभा में उन्होंने संघ व भाजपा दोनों पर निशाना साधा। छत्तीसगढ़ी में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वो लोग गांधी की भी बात करते हैं और गोडसे की भी। गांधी को अपनाने के लिए गोडसे को त्यागना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रवाद के नाम पर देश को बांटने की कोशिश हो रही है। दो तरह के राष्ट्रवाद संघ.भाजपा की केंद्र सरकार ने आज बना दिए हैं।

कांग्रेसियों के कण-कण में राम, वो राम के नाम पर वोट बटोर रहे

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राम तो कांग्रेसियों के कण-कण में हैं। गांधी के विचारों में राम ही राम थे। राम तो हमारे जीवन में हैं। वे तो राम के नाम पर सिर्फ वोट बटोरने का काम करते हैंए जबकि राम तो भारतीय सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ तो पूरी तरह से राममय रहा है। राम की माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी, भगवान राम छत्तीसगढ़वासियों के भांजे, यहां शबरी के राम हैं, वनवासियों के राम हैं, यहां सुबह-सुबह राम-राम है, यहां हर समय राम-राम है। इसलिए राम को हमने राजनीति का हिस्सा नहीं बनाया, क्योंकि हमने राम को आत्मसात किया है।

भाजपा सांसदों की पदयात्रा कहां से निकल रही, पता नहीं

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गांधीजी, देश के किसान, मजदूर, महिला, बच्चों समेत हर वर्ग के साथ रहे। उन्होंने देश से अंग्रेजों को भगाने का काम किया। विदेशी कपड़ों से दूर रहने चरखा का सहारा लिया। यह बात गोडसे को पसंद नहीं थी, क्योंकि वह एक अलग विचारधारा से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती पर भाजपा सांसद भी पदयात्रा कर रहे हैं, लेकिन उनकी यह पदयात्रा छत्तीसगढ़ में कहां से निकल रही है, यह पता ही नहीं।

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