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भूपेश कैबिनेट में शामिल हुए 9 मंत्री...विस अध्यक्ष चरणदास महंत तो पीसीसी अध्यक्ष बने अमरजीत...

पुलिस मैदान में आयोजित शपथग्रहण समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन ने भूपेश कैबिनेट के 9 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल में एक महिला भी मंत्री बनी हैं। हालांकि पहले 10 मंत्री में शपथ लेने वाले थे लेकिन प्रबल दावेदारों में एक पद के सहपति ने नहीं बन पाने के कारण फिलहाल एक पद को रिक्त रखा गया है।

भूपेश कैबिनेट में शामिल हुए 9 मंत्री...विस अध्यक्ष चरणदास महंत तो पीसीसी अध्यक्ष बने अमरजीत...

पुलिस मैदान में आयोजित शपथग्रहण समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन ने भूपेश कैबिनेट के 9 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल में एक महिला भी मंत्री बनी हैं। हालांकि पहले 10 मंत्री में शपथ लेने वाले थे लेकिन प्रबल दावेदारों में एक पद के सहपति ने नहीं बन पाने के कारण फिलहाल एक पद को रिक्त रखा गया है।

वहीं सुकमा जिले से पहली बार कोई मंत्री बना है जिसकी वजह से जिले के लोगों में खुशी की लहर देखी जा सकती है। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीएल पुनिया स​मेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए।

बता दें मंत्रिमंडल में जातिगत समीकरण को काफी महत्व दिया गया है इसलिए इसमें तीन आदिवासी, दो सतनामी समाज के विधायकों को मौका दिया गया है। भूपेश मंत्रिमंडल में पहली बार बने विधायकों को कोई जगह नहीं दी गई है।

इन्होंने ली शपथ

  • रविंद्र चौबे : ​ब्राहम्ण वर्ग का प्रति​निधित्व करने वाले वरिष्ठ मंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे हैं।
  • अनिला भेड़िया: दूसरी बार विधायक। महिला और आदिवासी वर्ग की शर्त पूरी करती हैं।
  • प्रेमसाय सिंह टेकाम: पूर्व में मंत्री रहे प्रेमसाय सरगुजा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • मोहम्मद अकबर: जोगी सरकार में मंत्री रहे। एकमात्र अल्पसंख्यक नेता। सर्वाधिक वोटों से जीत का रिकॉर्ड।
  • शिव डहरिया: सतनामी समाज के नेता और कार्यकारी अध्यक्ष। शिव डहरिया ने सीट बदलकर आरंग से जीत हासिल की है।
  • उमेश पटेल: दूसरी बार के विधायक। स्व. नंदकुमार पटेल के बेटे। ओपी चौधरी को हराया।
  • जयसिंह अग्रवाल: तीसरी बार के विधायक रहे जयंसिह कोरबा जिले का प्रतिनिधित्व पूरा करेंगे।
  • कवासी लखमा: बस्तर से आदिवासी प्रतिनिधित्व करने वाले कवासी को भी मंत्री बनाया गया। चार बार के विधायक। सुकमा से पहली बार कोई मंत्री बना।
  • रुद्र गुरु: समाज के गुरु परिवार से ताल्लुक रखते हैं। दूसरी बार के विधायक।

डॉ. चरणदास महंत अध्यक्ष : सक्ती से विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे डॉ. चरणदास महंत को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है।

अरुण वोरा उपाध्यक्ष : दुर्ग शहर से चुने गए वरिष्ठ‌ विधायक अरुण वोरा को उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। वोरा तीसरी बार विधायक चुने गए हैं।

अमरजीत के हाथों पीसीसी की कमान : पीसीसी चीफ भूपेश बघेल के सीएम बनने के बाद अब यह जिम्मेदारी आदिवासी नेता को दी जा रही है। मंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे आक्रामक शैली के लिए जाने जाने वाले अमरजीत भगत को पीसीसी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर संतुष्ट किया जा रहा है।

पहली बार के विधायकों को मौका नहीं : कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि पहली बार के विधायकों को मौका नहीं दिया गया है। नए कैबिनेट में प्रदेश के सभी क्षेत्रों, जाति और वर्गों का समावेश है। साथ ही अनुभव को भी तरजीह दी गई है।

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